
ब्यूरो रिपोर्ट
जिले में नारकोटिक्स एवं अन्य नशीली दवाओं की रोकथाम तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट में एनकोर्ड एनसीओआरडी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने की।
बैठक में नशीली दवाओं की रोकथाम, मादक पदार्थों की तस्करी की प्रवृत्तियों पर नियंत्रण, सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुदृढ़ बनाने, तथा जिले में अफीम, भांग जैसी मादक फसलों की अवैध खेती की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही स्कूलों एवं कॉलेजों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने, एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों के प्रभावी संचालन और पर्यवेक्षण पर भी जोर दिया गया।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने निर्देश दिए कि जिले में अवैध मादक फसलों की खेती पर सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने पिछले वर्ष रानीपुर क्षेत्र में अफीम की खेती के प्रकरण सामने आने का उल्लेख करते हुए कृषि, राजस्व और वन विभाग को संयुक्त रूप से निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों एवं कॉलेजों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा। साथ ही जिला अस्पताल में नशे के आदी व्यक्तियों के लिए काउंसलिंग एवं डी-एडिक्शन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक्शन प्लान बनाने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर डॉ सोनवणे ने कहा कि नशा उन्मूलन के लिए नगरपालिका के स्वच्छता अभियान के साथ जोड़कर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि समाज में नशे के प्रति जागरूकता बढ़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा उन्मूलन के लिए सभी आवश्यक पहलुओं पर समन्वित रूप से कार्य करना सुनिश्चित किया जाए।




