
ब्यूरो रिपोर्ट
आमला तहसील के ग्राम हसलपुर में तीसरी रेलवे लाइन निर्माण कार्य के दौरान बिना अनुमति रेत एवं गिट्टी का भंडारण करने के मामले में अपर कलेक्टर न्यायालय बैतूल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित कंपनियों पर 36 लाख 95 हजार 400 रुपये की शास्ति अधिरोपित की है।
प्रकरण में मध्यप्रदेश शासन की ओर से उप संचालक खनि प्रशासन बैतूल द्वारा प्रस्तुत मामले में बताया कि प्रकाशित समाचार “तीसरी रेलवे लाइन के काम के लिए प्लांट लगाने नहीं ली किसी भी प्रकार की अनुमति” के आधार पर सहायक खनि अधिकारी बैतूल ने 8 मई 2025 को हल्का पटवारी के साथ मौजा हसलपुर, तहसील आमला स्थित खसरा नंबर 201 का निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के दौरान रेलवे लाइन किनारे स्थापित आरएमसी प्लांट के आसपास गिट्टी, डस्ट और रेत के बड़े-बड़े ढेर पाए गए। नापजोख में 257 घनमीटर गिट्टी/डस्ट तथा 246 घनमीटर रेत का भंडारण मिला। मौके पर मौजूद प्लांट ऑपरेटर मनीष यादव ने बताया कि प्लांट मेसर्स वायएसएम बिल्डकॉन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड का है, जो केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड के लिए रेलवे की तीसरी लाइन निर्माण कार्य में कांक्रीट सप्लाई का कार्य कर रही थी। जांच के दौरान खनिजों की रॉयल्टी रसीद और भंडारण अनुमति संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए। इसके बाद सहायक खनि अधिकारी ने पंचनामा तैयार कर खनिज सामग्री जब्त कर सुरक्षार्थ सुपुर्दगी में दी तथा प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि अनावेदक कंपनियों द्वारा बिना वैध अनुज्ञा के खनिज भंडारण किया गया, जो मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 का उल्लंघन है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि शासकीय निर्माण कार्यों में भी बिना वैध खनिज व्यापारी अनुज्ञप्ति के गौण खनिजों का उपयोग या भंडारण नहीं किया जा सकता। अपर कलेक्टर वंदना जाट ने आदेश पारित करते हुए मध्यप्रदेश खनिज नियम 2022 के नियम 18(6) के तहत मेसर्स वायएसएम बिल्डकॉन कंपनी प्रा. लि. एवं केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड पर कुल 36 लाख 95 हजार 400 रुपये की शास्ति अधिरोपित की। साथ ही उप संचालक खनि प्रशासन बैतूल को नियम 22 के तहत शास्ति राशि की वसूली करने के निर्देश दिए गए हैं।




