
ब्युएरो रिपोर्ट
सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट मेंमजदूरों के शोषण के मामले में बालाजी एंटरप्राइजेज ठेकेदार पर श्रम न्यायालय में मामला दर्ज
1–बालाजी एंटरप्राइजेज द्वारा लगभग 140 मजदूरों को 330/- प्रतिदिन की दर से दिया जा रहा है भुगतान,
2–वरिष्ठ कांग्रेसी नेता तिरुपति एरोलु की है बालाजी इंटरप्राइजेज कंपनी
3-बालाजी एंटरप्राइजेज पर पूर्व में भी मजदूरों के शोषण के मामले हो चुके हैं दर्ज, वेल्डर एवं ऑपरेटर को भी कुशल श्रेणी का मजदूर नहीं मानते बालाजी एंटरप्राइजेज
बैतूल जिले के एकमात्र औद्योगिक क्षेत्र सारणी में स्थित सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट में आउटसोर्स के कार्यों में मजदूरों का शोषण किया जा रहा है इसके खिलाफ श्रम संगठन एवं सामाजिक संगठनों द्वारा पिछले लगभग 2 वर्षों से ज्यादा समय से प्रदर्शन एवं पत्राचार किया जा रहे हैं मगर समस्या जस की तस बनी है सतपुड़ा प्लांट में आउटसोर्स के बड़े कार्यो को कोलकाता की कंपनियों द्वारा लिया जा रहा है और इन कंपनियों द्वारा काम लेकर बालाजी इंटरप्राइजेज ठेकेदार को पेटी पर काम दे दिया जाता है 2021 से लगातार इन्हें ही पेटी पर काम दिया जा रहा है इसके बाद मजदूर के शोषण का खेल शुरू हो जाता है सारणी नगर में स्थित सतपुड़ा प्लांट में नई यूनिट के निर्माण कार्य में भी स्थानीय युवा एवं मजदूरों को काम नहीं दिया जा रहा है और पुरानी इकाइयों के डिस्मेंटलिंग के कार्य में भी स्थानीयता को महत्व नहीं दिया जा रहा है मतलब एक ओर तो स्थानीय लोगों को काम नहीं और जिन्हें काम मिला उनका भी शोषण किया जा रहा है जिसके कारण अब कई बड़े प्रश्न खड़े हो रहे हैं ,

सतपुड़ा प्लांट के एस हैंडलिंग प्लांट एवं कोल हैंडलिंग प्लांट में
बालाजी इंटरप्राइजेज कंपनी पेटी पर काम कर रही है और दोनों स्थानो पर कार्यरत मजदूरों के शोषण के मामले में श्रम विभाग द्वारा जांच करने के उपरांत बालाजी इंटरप्राइजेज को मजदूरों के शोषण के मामले में दोषी पाया गया है इसके पश्चात श्रम विभाग द्वारा श्रम न्यायालय बैतूल में बालाजी इंटरप्राइजेज पर मामला दर्ज कराया गया
भारतीय मजदूर ठेका श्रमिक संघ के वरिष्ठ सदस्य सुधीर पाल, एवं अनिरुद्ध मालवीय ने बताया कि मजदूरों के शोषण की समस्या के निराकरण के लिए प्रबंधन द्वारा श्रम कल्याण अधिकारी नियुक्त है मगर उनके द्वारा भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जाता और इन्हीं की मिली भगत और उदासीनता के कारण सतपुड़ा प्लांट मैं मजदूरों के शोषण के मामले बढ़ते जा रहे हैं उन्होंने बताया कि जिला श्रम अधिकारी द्वारा भी प्लांट के निरीक्षण के दौरान केवल कार्यालय में बैठकर सारी कार्रवाई कर ली जाती है स्थल निरीक्षण नहीं किया जाता जिसके कारण भी ठेका श्रमिकों के शोषण के मामले बढ़ते जा रहे हैं
मानव अधिकार संगठन द्वारा भी जिला कलेक्टर से मुलाकात कर सतपुड़ा प्लांट में कार्यरत मजदूरों के शोषण के मामले को प्रमुखता से उठाया गया एवं उनके द्वारा मजदूरों के शोषण के मामले को ऊर्जा एवं श्रम विभाग सहित मुख्यमंत्री कार्यालय तथा मानव अधिकार आयोग के उच्च अधिकारियों के पास भोपाल पहुंचाया गया है जिसमें जल्द जांच होने की संभावनाए है इस संबंध में मानव अधिकार संगठन के पदाधिकारी द्वारा भी लगातार पत्राचार किया जा रहा है
1-इनका है कहना
भारतीय मजदूर संघ द्वारा श्रमिकों के हित में एवं शोषण करने वाली लोकनाथ एवं क्रांति कंपनी के खिलाफ सदा से ही धरना प्रदर्शन किये गए एवं एवं भारतीय मजदूर संघ श्रमिक हित की इस लड़ाई को श्रमिक हितों में निर्णायक स्तर पर लाकर ही रहेंगा और यह प्रयास सतत जारी रहेंगे जब तक ठेका श्रमिकों को न्याय नहीं मिल जाता
विनय डोंगरे, विभाग प्रमुख
भारतीय मजदूर संघ, बैतूल पांढुर्णा क्षेत्र
2-इनका है कहना
सतपुड़ा प्लांट में कार्यरत मजदूरो की शिकायत के आधार पर हमारे द्वारा जांच की गई एवं जांच उपरांत पाया गया कि मजदूरों को दिया जाने वाले वेतनमान में गड़बड़ियां है इसके बाद श्रम विभाग द्वारा प्रतिवेदन बनाकर श्रम न्यायालय भेजा गया, अब मामला न्यायालय में दर्ज है और हमारे द्वारा मजदूरों के पक्ष में फैसला कराने के लिए निरंतर सतत प्रयास किए जा रहे हैं
अक्षय बानिया, श्रम इंस्पेक्टर
श्रम विभाग, जिला बैतूल
3-इनका है कहना
सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट में कर्मचारी और मजदूर मिलकर विद्युत उत्पादन का काम करते हैं हम मजदूरों के इस हक और अधिकार की लड़ाई में उनके साथ हैं और बिजली उत्पादन कर्मचारी संघ सारणी द्वारा पूर्व में भी सतपुड़ा प्लांट में कार्यरत ठेका श्रमिक एवं आउटसोर्स के क्षेत्र में कार्यरत सभी वर्ग के लिए उनके पक्ष में सदैव से ही प्रयास किए जाते रहे हैं और बाहरी कंपनियों द्वारा स्थानीय मजदूरों के शोषण के इस मामले को हम आगे भी प्रमुखता से उठाते रहेंगे श्रमिक हितों को लेकर बिजली उत्पादन संगठन द्वारा बड़ा आंदोलन भी किए जाने की तैयारीया है
लाखन चौधरी, अध्यक्ष
बिजली उत्पादन कर्मचारी संघ सारणी
4-इनका है कहना
सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट में मजदूरों के अधिकारों का हनन हो रहा है, अधिकतर मजदूर से बाहरी कंपनियों द्वारा कुशल श्रेणी का काम कर कर उन्हें अर्ध कुशल का वेतनमान देती है और बहुत से मजदूरों को तो शासन द्वारा निर्धारित से दरो से बहुत कम वेतनमान दिया जा रहा है इन्हीं सब मामलों को लेकर हमारे द्वारा पूर्व में कलेक्टर महोदय से भी विस्तृत जांच के लिए प्रतिवेदन दिया गया है, और हम आगे भी मजदूरों के हक और अधिकार की लड़ाई में उनके साथ हैं
संजय अग्रवाल, जिला मानव अधिकार संगठन, जिला प्रभारी
एवं विधायक प्रतिनिधि सतपुड़ा प्लांट सारणी