
धनराज साहू तहसील ब्यूरो
- आठ साल की मासूम बेटी ने अपनी 37 वर्षीय माँ को मुखाग्नी देकर किया अंतिम संस्कार।
- हजारों लोगों ने शामिल होकर नम आंखों से दी अंतिम बिदाई ।
भैंसदेही। भैंसदेही ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम चिल्कापुर (गुदगांव) के जाने- माने उन्नत कृषक रहे स्व.नारायण साहू एवं गायत्री परिवार की वरिष्ठ सदस्य श्रीमती मंजूलता साहू की हैदराबाद में निवासरत लाड़ली सुपुत्री श्रीमती ईशा साहू (साफ्टवेयर इंजिनियर ) की हैदराबाद में घटित एक दर्दनाक घटना में महज 37 साल की कम उम्र में असामयिक दुखद निधन हो चुका था। हैदराबाद से उनका पार्थिव शरीर यहां आने पर ग्राम चिल्कापुर (गुदगांव) के पूर्णा नदी मोक्षधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया जहां उनकी आठ वर्षीय मासूम बेटी कु. विधि साहू ने मुखाग्नी देकर बेटे का फर्ज अदा करते हुए अपनी दिवंगत मां का अंतिम संस्कार किया। इस गमगीन दृश्य को देखते हुए लोगो की आंखे भर आयी। बेटी विधि साहू ने बता दिया कि बेटियां भी बेटों से किसी भी स्तर पर कम नही होती बल्कि बेटियां बेटों से ज्यादा महत्वपूर्ण एवं पूज्यनीय होती है जो केवल नसीब वालों को ही मिलती है। बेटियां हर किसी के नसीब में नही होती। इस दौरान स्व. ईशा साहू के भाई मयूर साहू (अधिवक्ता) एवं डॉ.विनोद साहू ने बेटी विधि साहू का सहयोग कर उसका संबल बढ़ाया। अंतिम यात्रा में शामिल रिश्तेदारों, शुभचिंतकों, स्व जातीय बन्धुओं एवं ग्रामवासियों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर नम आंखों से स्व.ईशा साहू को अंतिम बिदाई दी। स्व.ईशा साहू अपने पीछे अपनी दो बेटियां विधि साहू ( उम्र 08 वर्ष ) एवं छः माह की मासूम बेटी वाणी साहू को छोड़ गई। ईशा साहू के निधन का समाचार मिलते ही क्षेत्र में जबरदस्त शोक की लहर फैल गई थी। हैदराबाद से उनका पार्थिव शरीर चिल्कापुर (गुदगांव) पहुंचते ही परिवार जनों का रो- रोकर बुरा हाल था। गांव की इस बेटी का महज 37 साल की अल्प आयु में हृदय विदारक घटना में असामयिक निधन से हर किसी की आंखों में आंसू नजर आ रहे थें। चारों तरफ गम का वातावरण निर्मित था। सभी ने गांव की इस बेटी को नम आंखों से अंतिम बिदाई दी। ताप्ती दर्शन परिवार की ओर से भी स्व.ईशा साहू को श्रद्धांजलि समर्पित है।