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ब्यूरो रिपोर्ट
जाति प्रमाण पत्र को लेकर राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। मध्य प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में राज्य उच्च स्तरीय अनुसूचित जाति (SC) छानबीन समिति ने उन्हें एक औपचारिक नोटिस जारी कर 6 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे वल्लभ भवन, भोपाल में व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।
कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि प्रतिमा बागरी ने फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र के आधार पर सतना जिले की आरक्षित रैगांव विधानसभा सीट से चुनाव जीता है। आरोप है कि उनका वास्तविक संबंध राजपूत या ठाकुर समुदाय से है।
जिस पर हाई कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए राज्य स्तरीय छानबीन समिति को इस पूरे मामले की जांच करने और तय समय सीमा (60 दिन) के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।
अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, प्रतिमा बागरी को वर्ष 1950 की स्थिति में अपने परिवार के सतना निवासी होने और ‘बागरी’ अनुसूचित जाति से संबंधित होने के प्रासंगिक मूल दस्तावेज व साक्ष्य पेश करने होंगे।
