
ब्यूरो रिपोर्ट
बैतूल। बैतूल में श्रद्धा और सेवा का अनूठा संगम बैतूल में तब देखने को मिला जब 120 किमी की पैदल कांवड़ यात्रा कर रहे शिवभक्तों की थकान दूर करने के लिए संत श्री आशारामजी बापू की सत्प्रेरणा से श्री योग वेदांत सेवा समिति बैतूल के सेवाधारी मैदान में उतर आए।
सर्व कल्याण, धर्म प्रचार, सबकी खुशहाली और अच्छी बारिश की कामना के साथ चिचोली के तपश्री क्लब द्वारा विगत 25 वर्षों से आयोजित की जा रही कांवड़ यात्रा इस वर्ष भी भीमपुर के घोघरा घाट से प्रारंभ हुई। श्रद्धालु मां ताप्ती का जल लेकर खेड़ी, देवगांव, भडूस होते हुए बैतूल पहुंचे और यहां जगह-जगह उनका भव्य स्वागत किया गया।
चरण सेवा बनी आकर्षण का केंद्र
कांवड़ यात्रा जब जैन दादावाड़ी पहुंची तो श्री योग वेदांत सेवा समिति बैतूल के कार्यकर्ताओं ने शिवभक्तों की चरण सेवा की। समिति के संरक्षक राजेश मदान के मार्गदर्शन में डॉ. राजकुमार मालवीय, योग शिक्षक रविकांत आर्य, रोहित मिश्रा सहित अन्य साधकों ने कांवड़ियों के थके हुए पैरों की मसाज तेल से मालिश की, मरहम पट्टी की और आवश्यक दवाइयां व इंजेक्शन निशुल्क वितरित किए।
सेवा के साथ-साथ समिति द्वारा संत श्री आशारामजी बापू का प्रेरणादायक सत्साहित्य भी कांवड़ियों को भेंट किया गया।
समिति के संरक्षक राजेश मदान ने बताया कि “पिछले 15 वर्षों से हमारी समिति निःस्वार्थ भाव से यह सेवा कर रही हैं। लंबी यात्रा के कारण कांवड़ियों के पैरों में छाले और थकान हो जाती है, उन्हें राहत मिले यही हमारा उद्देश्य है।”
तपश्री क्लब चिचोली के अध्यक्ष विजय राठौर, पप्पू राठौर, श्याम राठौर सहित सभी श्रद्धालु कांवड़ियों ने समिति के सेवाकार्य की मुक्तकंठ से सराहना की और इसे मानवता का वास्तविक रूप बताया।
डागा परिवार ने की भोजन-रात्रि विश्राम की व्यवस्था
जैन दादावाड़ी में डागा परिवार द्वारा 350 कांवड़ियों के लिए भोजन और रात्रि विश्राम की उत्तम व्यवस्था की गई। रविवार प्रातः 11 बजे यह यात्रा भोपाली के लिए रवाना हो गई।
इनका रहा सहयोग:
इस पुण्य कार्य में समिति के डॉ. राजकुमार मालवीय, रविकांत आर्य, रोहित मिश्रा, मयूर सोलंकी, बंसीलाल सोनी सहित समिति के अन्य साधकों का समर्पित सेवा भाव उल्लेखनीय रहा।
श्री योग वेदांत सेवा समिति बैतूल की इस पहल ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि “आस्था की राह में सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य है।”
