
ब्यूरो रिपोर्ट
- हर घर तिरंगा यात्रा: कुही में स्कूली बच्चों ने रैली निकाल ग्रामीणों को किया जागरूक
- ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति ने ‘हर घर तिरंगा’, ‘नशा मुक्ति’ और ‘एक पौधा मां के नाम’ अभियानों को लेकर चलाया त्रिस्तरीय कार्यक्रम
रानीपुर
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद घोड़ाडोंगरी के मार्गदर्शन में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति कुही द्वारा बुधवार को त्रिस्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हर घर तिरंगा यात्रा अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष पृथ्वीराज वरटी ने की। कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के साथ-साथ सामाजिक सुधार और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
रैली निकालकर दिया राष्ट्रीय सम्मान का संदेश
ग्राम कुही (जूनाढाना) स्थित शासकीय प्राथमिक शाला के छात्र-छात्राओं ने हाथों में तिरंगा लेकर ग्राम में एक भव्य जागरूकता रैली निकाली। देशभक्ति के नारों से पूरा गांव गुंजायमान हो उठा। रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने ग्रामीणों से अपील की कि आगामी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सभी ग्रामीण अपने-अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा अवश्य फहराएं। समिति अध्यक्ष पृथ्वीराज वरटी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा फहराना हमारे राष्ट्रीय सम्मान और राष्ट्रहित का प्रतीक है, जिससे हमारे गांव, जिले, प्रदेश और देश का मान बढ़ता है।
नशा मुक्ति के लिए ग्रामीणों को किया प्रेरित
रैली के दौरान ‘नशा से मुक्ति है जरूरी’ अभियान पर विशेष जोर दिया गया। समिति के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने ग्रामीणों को नशे से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए इससे दूर रहने की समझाइश दी। वक्ताओं ने कहा कि एक नशा मुक्त समाज ही प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकता है, इसलिए परिवार और गांव की खुशहाली के लिए नशे का त्याग करना बेहद आवश्यक है।
स्कूल प्रांगण में रोपे गए पौधे
कार्यक्रम के अंतिम चरण में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ‘एक पौधा मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत प्राथमिक शाला प्रांगण में पौधारोपण किया गया। उपस्थित अतिथियों व विद्यार्थियों ने पौधरोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

ये रहे मुख्य रूप से उपस्थित
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राथमिक शाला के प्रधानाध्यापक जीवनलाल वरटी, काशीराम मर्सकोले, मोहबीलाल मवासे तथा प्रस्फुटन समिति के सचिव आकाश धुर्वे, राहुल वरटी और रमेश मर्सकोले की मुख्य भूमिका रही। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित ग्रामीणों एवं बच्चों को स्वतंत्रता दिवस गरिमापूर्ण तरीके से मनाने का संकल्प दिलाया गया।
