
ब्यूरो रिपोर्ट
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के हालिया फैसलों के विरोध में कल, 23 अगस्त को देश की राजधानी दिल्ली के शाह ऑडिटोरियम (सिविल लाइंस) में एक बड़ी महापंचायत बुलाई गई है। इस कार्यक्रम को लेकर आंदोलनकारी संगठनों और प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को सीधे शब्दों में बेहद सख्त चेतावनी जारी की है।
‘तारीख या अनुमति बदली, तो देश ठप होगा’
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे आंदोलनकारियों के आधिकारिक बयान में कहा गया है, “हमारे लोकतांत्रिक कार्यक्रम की अनुमति और तारीख बदलने की कोशिश बिल्कुल न की जाए। दिल्ली पुलिस और सरकार कान खोलकर सुन ले।” आयोजकों ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि देश के अलग-अलग हिस्सों से आ रहे उनके साथियों को दिल्ली आने से रोका गया या कार्यक्रम में बाधा डाली गई, तो पूरे देश में ‘चक्का जाम’ कर दिया जाएगा।
ट्रेन पटरी से लेकर नेशनल हाईवे बंद करने की धमकी
प्रदर्शनकारियों ने अपनी रणनीति साफ करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की रोक-टोक होने पर आंदोलन को देशव्यापी रूप दिया जाएगा। इसके तहत भारतीय रेलवे की पटरियों से लेकर तमाम नेशनल हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्गों) को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा, जिससे पूरे देश की रफ्तार थम सकती है।
क्या है आंदोलनकारियों की मुख्य मांग?
आंदोलन से जुड़े छात्र और विभिन्न संगठन मुख्य रूप से यूजीसी (UGC) द्वारा हाल ही में जारी किए गए नियमों और नीतिगत बदलावों का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ये नियम छात्रों के हितों के खिलाफ हैं, इसलिए उनकी मांग बिल्कुल स्पष्ट है—यूजीसी अपने इस फैसले को तुरंत वापस (Rollback) ले।
प्रशासन अलर्ट पर, सुरक्षा सख्त
कश्मीरी गेट ISBT बस अड्डे के पास स्थित शाह ऑडिटोरियम में होने वाले इस कार्यक्रम को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और दिल्ली की कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिविल लाइंस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं।






