
बैतूल। गंज स्थित रामलीला मैदान में शनिवार को ध्वज पूजन के साथ 69वें रामलीला एवं दशहरा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति, पंजाब युवा सेवा समिति एवं श्रीकृष्ण पंजाबी महिला कीर्तन मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 12 दिवसीय महोत्सव के पहले दिन रीवा जिले के मऊगंज से आए श्री गणेश रामलीला मंडल के कलाकारों ने रावण जन्म के प्रसंग का सजीव मंचन किया। पौराणिक कथा के पात्रों को कलाकारों ने अपने अभिनय से जीवंत कर दिया।
रामलीला के प्रथम दिन रावण के जन्म से जुड़ी कथा प्रस्तुत की गई। पौराणिक प्रसंग के अनुसार ऋषि विश्रवा और कैकसी के पुत्र रावण का जन्म हुआ था। रावण बचपन से ही अत्यंत शक्तिशाली और विद्वान था। उसने कठोर तपस्या कर भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न किया और वरदान प्राप्त किए। अपनी शक्ति और ज्ञान के बावजूद अहंकार के कारण उसका पतन हुआ। कलाकारों ने अभिनय के माध्यम से कथा के विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया।
श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक खुराना ने बताया कि रामलीला का मंचन 21 अक्टूबर तक प्रतिदिन रात 9 बजे किया जाएगा। महिला दर्शकों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था की गई है।

समिति के मीडिया प्रभारी राजेश मदान ने बताया कि महोत्सव के तहत शनिवार को श्री कृष्ण मंदिर से रामलीला मंच तक ध्वज यात्रा निकली, मंच पर ध्वज का विधिवत पूजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु शामिल हुए। वहीं 15 अक्टूबर को सायं 7 बजे अयोध्या जी (श्री कृष्ण मंदिर राजेंद्र वार्ड) से श्रीराम जी की भव्य बरात निकलेगी यह बरात जनकपुरी (माता मंदिर, पेट्रोल पंप), बैतूल गंज पहुंचेगी जहां श्रीराम-सीता का विवाह संपन्न होगा। इसके बाद रामलीला मंच पर राम कलेवा का आयोजन किया जाएगा।
रामलीला में आज –
नारद मोह
विश्वमोहिनी स्वयंवर




