
सारनी। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में प्रस्तावित 660 मेगावाट के नए यूनिट का अर्थवर्क युद्धस्तर पर चल रहा है, और इसी की आड़ में प्लांट की कीमती संपत्ति को चूना लगाया जा रहा है। मिट्टी ढोने वाले डंपरों के जरिए खुदाई में निकला तांबा, लोहा और अन्य कीमती सामान धड़ल्ले से गेट के बाहर ले जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक मिट्टी के साथ-साथ डंपरों में तांबे की अर्थिंग पट्टी, केबल और लोहे के पाइप के टुकड़े भरकर बाहर निकाले जा रहे थे। खबर लगते ही सुरक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। सुरक्षा टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 35 किलो तांबा और लोहे की सामग्री जब्त कर स्टोर में जमा कराई।
सुरक्षा पर बड़ा सवाल आखिर चेकिंग व्यवस्था कहां सो रही
सबसे बड़ा सवाल यह है कि मेन गेट से इतनी कीमती सामग्री कैसे पार हो गई? आखिर चेकिंग व्यवस्था कहां सो रही थी..?
बताया जा रहा हैं कि अर्थवर्क का काम बीएचईएल के मार्गदर्शन में चल रहा है। कंपनी के अधिकारियों की सीधी जिम्मेदारी है कि प्लांट के अंदर की एक भी चीज बाहर न जाने पाए, लेकिन इस मामले में घोर लापरवाही उजागर हुई है।

प्रबंधन से बड़ी मांग
मामला सामने आने के बाद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। मांग उठ रही है कि मिट्टी परिवहन में लगे डंपरों की मुख्य गेट पर कड़ी जांच हो, लोहे की सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर तत्काल प्रतिबंध लगे और दोषी ठेकेदार कंपनी पर कार्रवाई हो।
इनका कहना हैं
खुदाई के दौरान निकली तांबे की अर्थिंग पट्टी मिट्टी के साथ डंपर में भरकर बाहर ले जाई गईं थीं। सूचना मिलते ही सुरक्षा बल ने मौके पर पहुंचकर जब्ती की कार्रवाई की हैं और मामले की जांच जारी हैं।
शरद राघव मुख्य सुरक्षा अधिकारी सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी






