
आगामी धार्मिक एवं सामाजिक पर्वों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने जनहित एवं लोक व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जिला बैतूल की संपूर्ण राजस्व सीमा में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के संबंध में आदेश जारी किया है।
अनुमति लेकर ही करें ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग
जारी आदेश के अनुसार जिले में आयोजित धार्मिक, सामाजिक एवं अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में डीजे, लाउडस्पीकर, बैंड तथा अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग सक्षम प्राधिकारी की अनुमति एवं लागू विधिक प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा। नगरीय क्षेत्रों में संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित तहसीलदार/सक्षम कार्यपालिक मजिस्ट्रेट लागू विधिक प्रावधानों के अधीन अनुमति प्रदान करने के लिए अधिकृत रहेंगे।
अनुमति में आयोजक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, कार्यक्रम का स्वरूप, आयोजन स्थल, दिनांक तथा कार्यक्रम के प्रारंभ एवं समाप्ति का समय सहित आवश्यक शर्तें स्पष्ट रूप से अंकित की जाएंगी। आयोजक से अनुमति की शर्तों के पालन के संबंध में लिखित आश्वासन/वचन-पत्र भी लिया जाएगा।
आयोजक एवं ध्वनि विस्तारक यंत्र संचालक अनुमति-पत्र की प्रति आयोजन स्थल पर उपलब्ध रखेंगे तथा सक्षम कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अथवा पुलिस अधिकारी द्वारा मांगे जाने पर तत्काल प्रस्तुत करेंगे।
संवेदनशील स्थलों पर विशेष सावधानी
अस्पताल, नर्सिंग होम, शैक्षणिक संस्थान, छात्रावास, न्यायालय, शासकीय कार्यालय तथा अन्य संवेदनशील स्थलों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की अनुमति देते समय विशेष सावधानी बरती जाएगी, ताकि उपचार, अध्ययन एवं कार्यालयीन कार्य प्रभावित न हों। ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के अंतर्गत लागू परिवेशीय ध्वनि मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित सीमा के भीतर एवं अनुमति की शर्तों के अनुरूप किया जाएगा। उपकरणों की संख्या एवं उपयोग के संबंध में निर्णय लागू नियमों एवं कार्यक्रम की परिस्थितियों के अनुसार लिया जाएगा।
रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध
आदेश के अनुसार रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे तक लाउडस्पीकर, बैंड, प्रेशर हॉर्न तथा अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग लागू विधिक प्रावधानों के अनुसार प्रतिबंधित रहेगा। विधि के अंतर्गत किसी अपवाद अथवा छूट की स्थिति में संबंधित नियमों एवं सक्षम प्राधिकारी के आदेश का पालन करना आवश्यक होगा।
शिकायत मिलने पर होगी त्वरित कार्रवाई
ध्वनि प्रदूषण अथवा अनुमति की शर्तों के उल्लंघन के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर संबंधित कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन की स्थिति में लागू विधिक प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने आयोजन समितियों, नागरिकों एवं ध्वनि विस्तारक यंत्र संचालकों से निर्धारित नियमों का पालन करते हुए प्रशासन को सहयोग प्रदान करने की अपील की है।
विधिक प्रावधानों के अंतर्गत होगी कार्रवाई
आदेश अथवा लागू विधिक प्रावधानों का उल्लंघन किए जाने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 तथा मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 एवं अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के अंतर्गत यथालागू कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश जनहित, लोक व्यवस्था तथा नागरिकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए तत्काल प्रभाव से लागू होगा।





