
अयोध्या। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या के गुप्तार घाट पर शुक्रवार शाम को उस समय हड़कंप मच गया, जब मध्य प्रदेश के भोपाल से आए एक पति-पत्नी ने एक-दूसरे का हाथ बांधकर सरयू नदी के गहरे पानी में छलांग लगा दी। घाट पर मौजूद लोगों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय गोताखोरों ने तुरंत नदी में छलांग लगाई और मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों की जान बचा ली। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, भोपाल के कोलार मार्ग (राजरस बस्ती) के रहने वाले सुधीर श्रीवास्तव (43) अपनी पत्नी अर्चना श्रीवास्तव (39) के साथ अयोध्या दर्शन के लिए आए थे। शुक्रवार शाम को दोनों गुप्तार घाट (मीरन घाट) पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक दोनों ने एक-दूसरे के हाथ बांधे और मौत के दरिया में छलांग लगा दी।
हादसे और खुदकुशी के दावों के बीच उलझी गुत्थी
इस चौंकाने वाले कदम के पीछे की असली वजह को लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है। मामले में दो अलग-अलग थ्योरी सामने आ रही हैं:
- आत्महत्या का प्रयास: पुलिस के शुरुआती अनुमान और घाट पर मौजूद कुछ लोगों के अनुसार, दंपती किसी भारी मानसिक या पारिवारिक तनाव में था, जिसके चलते उन्होंने आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की।
- पैर फिसलने से हुआ हादसा: वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह एक दर्दनाक हादसा भी हो सकता है। बताया जा रहा है कि स्नान के दौरान पत्नी का पैर फिसल गया था। उसे बचाने के लिए पति ने आनन-फानन में पत्नी की चुनरी को अपने हाथ से बांध लिया ताकि वह तेज बहाव में अलग न हो जाए, लेकिन संतुलन बिगड़ने से दोनों डूबने लगे।
गोताखोरों ने बचाई जान, पुलिस कर रही पूछताछ
गनीमत रही कि घाट पर जल पुलिस और स्थानीय गोताखोर तैनात थे। दंपती को डूबता देख गोताखोर अमरजीत निषाद, आनंद राज निषाद, अमन, राजकुमार, रामकुमार, भगवान दीन और प्रदीप ने बिना वक्त गंवाए सरयू नदी में छलांग लगा दी। गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना की सूचना मिलते ही मीरन घाट महिला चौकी प्रभारी किरण पाल और सिपाही रमन शर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दंपती को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि भोपाल में उनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है और दंपती के विस्तृत बयान के बाद ही साफ हो पाएगा कि आखिर ऐसी नौबत क्यों आई थी।





