
Betul Jail Rakshabandhan बैतूल : भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अध्यात्म के अनूठे संगम का नजारा आज जिला जेल बैतूल में देखने को मिला। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बैतूल शाखा से आईं ब्रह्मकुमारी बहनों ने जेल परिसर का दौरा किया और वहाँ परिरुद्ध (बंद) पुरुष बंदियों की कलाई पर पवित्र रक्षा सूत्र (राखी) बांधा। जेल प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना, उनके मानसिक तनाव को कम करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रेरित करना था।
जब सफेद वस्त्र धारी ब्रह्मकुमारी बहनों ने बंदियों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी कलाई पर राखी बांधी और उन्हें मिठाई खिलाई, तो कई बंदियों की आंखें छलक आईं। जेल परिसर का माहौल पूरी तरह से भावुक और आध्यात्मिक हो गया।
वहीँ प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय संस्थान की बहनों द्वारा न्यायिक अभिरक्षा में परिरुद्ध बंदियों को रक्षा सूत्र बांधकर नैतिक एवं आध्यात्मिक जीवन का संदेश दिया गया।
जेल अधीक्षक श्री योगेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि इस अवसर पर ब्रह्मकुमारी बहनों ने बंदियों को तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधा। उन्होंने रक्षाबंधन के नैतिक एवं आध्यात्मिक महत्व की जानकारी देते हुए बंदियों को दुर्विचारों का त्याग कर सद्विचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान बंदियों को बुरी आदतों से दूर रहने तथा सकारात्मक एवं नैतिक जीवन जीने का संकल्प भी दिलाया गया।
✨ तिलक लगाकर दी आत्म-सुधार की प्रेरणा
कार्यक्रम की शुरुआत में ब्रह्मकुमारी बहनों ने जेल के भीतर विशेष मुलाकात कक्ष में सभी बंदियों को एकत्रित किया। इसके बाद बहनों ने सभी बंदियों को राजयोग और अध्यात्म का महत्व समझाया। बहनों ने बंदियों से कहा कि राखी केवल सूत का धागा नहीं है, बल्कि यह अपने पुराने विकारों, गलतियों और गुस्से को छोड़ने का एक पवित्र संकल्प है। प्रत्येक बंदी के माथे पर चंदन का तिलक लगाकर बहनों ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और उन्हें जेल से बाहर निकलने के बाद एक सभ्य और आदर्श नागरिक बनने का मार्ग दिखाया।
📜 बंदियों ने लिया अपराध मुक्त जीवन जीने का संकल्प
ब्रह्मकुमारी बहनों के स्नेह और वचनों से प्रभावित होकर कई बंदियों ने अपनी पुरानी गलतियों पर पश्चाताप व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान बहनों की प्रेरणा से कई बंदियों ने जेल परिसर के भीतर ही यह संकल्प लिया कि वे अब कभी भी अपराध की दुनिया में कदम नहीं रखेंगे। उन्होंने अपने भीतर व्याप्त गुस्से, व्यसन (नशा) और नकारात्मक प्रवृत्तियों को हमेशा के लिए त्यागने का वचन दिया। बहनों ने बंदियों को समझाया कि मनुष्य अपने कर्मों से बंधता है, और यदि वह चाहे तो दृढ़ इच्छाशक्ति से अपने आने वाले कल को पूरी तरह बदल सकता है।
🤝 जेल प्रशासन का मिला विशेष सहयोग
इस पूरे आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में बैतूल जिला जेल अधीक्षक और उनकी पूरी टीम का सराहनीय योगदान रहा। जेल प्रशासन ने सुरक्षा नियमों का पूरा पालन करते हुए बहनों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराईं। जेल अधीक्षक ने इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जेल केवल सजा देने की जगह नहीं है, बल्कि यह एक सुधार गृह है। इस प्रकार के आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजनों से बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य में बहुत बड़ा और सकारात्मक सुधार देखने को मिलता है, जिससे जेल के भीतर का अनुशासन भी बेहतर होता है।
🕊️ जेल स्टाफ को भी बांधी गई राखी
बंदियों को रक्षा सूत्र बांधने के पश्चात ब्रह्मकुमारी बहनों ने जेल की सुरक्षा में चौबीस घंटे मुस्तैद रहने वाले जेल प्रहरियों, मुख्य प्रहरियों और जेल के प्रशासनिक अधिकारियों को भी रक्षा सूत्र बांधकर उनके सुरक्षित और दीर्घायु जीवन की मंगल कामना की। संस्थान की ओर से सभी बंदियों और जेल स्टाफ को ईश्वरीय सौगात और प्रसाद का वितरण भी किया गया।






