
🔹 meesho customer care के नाम पर साइबर फ्रॉड, कोतवाली पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
“एक APK ने उड़ाए ₹1 लाख से ज्यादा — बैतूल पुलिस ने उड़ीसा से साइबर ठगी के आरोपी को दबोचा”
🔹पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन द्वारा जिले में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी तथा शिकायतकर्ताओं को राहत दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपूसे एवं एसडीओपी बैतूल सुश्री अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली बैतूल पुलिस ने साइबर ठगी के आरोपी को उड़ीसा से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।
🔹 घटना का विवरण
थाना कोतवाली बैतूल में दिनांक 17.02.2026 को फरियादी बाकेबिहारी पिता अमृतलाल गोहे, उम्र 42 वर्ष, निवासी चुनालोमा, बैतूल द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उन्होंने Meesho ऐप से खरीदी गई सामग्री वापस करने के लिए इंटरनेट पर कस्टमर केयर का मोबाइल नंबर तलाशकर संपर्क किया।
🔹कॉल के बाद व्हाट्सएप के माध्यम से फरियादी को एक APK फाइल भेजी गई। उक्त फाइल को मोबाइल में खोलते ही मोबाइल हैक हो गया तथा अज्ञात आरोपी द्वारा फरियादी के खाते से ₹1,01,990/- की साइबर धोखाधड़ी कर ली गई।
🔹 अपराध पंजीयन
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली बैतूल में अपराध क्रमांक 126/2026, धारा 318(4), 319(2), 308 BNS के तहत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
🔹 तकनीकी जांच से उड़ीसा तक पहुंची पुलिस
प्रकरण की विवेचना के दौरान कोतवाली पुलिस द्वारा तकनीकी संसाधनों एवं साइबर सेल की सहायता से प्राप्त साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। तकनीकी जांच के आधार पर संदिग्ध आरोपी की पहचान मोहम्मद आशिफ के रूप में हुई।
🔹पुलिस टीम द्वारा आरोपी को ग्राम हसनपुर, थाना प्लांट साइट, जिला सुंदरगढ़, उड़ीसा से अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी द्वारा फरियादी के साथ साइबर धोखाधड़ी कर UPI के माध्यम से ₹1,01,990/- का ट्रांजेक्शन कराना स्वीकार किया गया।
आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
🔹 गिरफ्तार आरोपी
मोहम्मद आशिफ पिता मो. मुनाजिर, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम हसनपुर, थाना प्लांट साइट, जिला सुंदरगढ़, उड़ीसा।
🔹 जप्त माल
1. 01 आईफोन 11 प्रो मोबाइल फोन, एप्पल कंपनी
2. ₹25,000/- नगद
🔹 सराहनीय भूमिका
उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उनि राकेश कुमार सरयाम, सउनि अरुण यादव, प्र.आर. 677 दीपक कटियार, आर. 703 प्रदीप कहार, आर. 310 पंकज नरवरिया एवं सायबर सेल बैतूल की विशेष भूमिका रही।
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🚨 पुलिस अधीक्षक बैतूल की साइबर सुरक्षा अपील
“कस्टमर केयर इंटरनेट पर नहीं, हमेशा आधिकारिक ऐप/वेबसाइट पर तलाशें—अनजान APK आपके मोबाइल और बैंक खाते दोनों को खतरे में डाल सकती है।”
🔹 किसी भी ऑनलाइन शॉपिंग, बैंकिंग या अन्य सेवा का कस्टमर केयर नंबर Google/Search Engine से आंख बंद करके प्राप्त न करें। संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही संपर्क नंबर प्राप्त करें।
🔹 किसी अनजान व्यक्ति द्वारा WhatsApp, SMS या ई-मेल पर भेजी गई APK अथवा अन्य संदिग्ध फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
🔹 किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk, QuickSupport अथवा अन्य Remote Access ऐप इंस्टॉल न करें और न ही मोबाइल की स्क्रीन शेयर करें।
🔹 OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, बैंक पासवर्ड एवं अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। बैंक अथवा प्रतिष्ठित कंपनियां फोन पर ऐसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगतीं।
🔹 UPI PIN पैसा प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि पैसा भेजने/भुगतान की पुष्टि के लिए होता है। अनजान व्यक्ति के निर्देश पर UPI Request स्वीकार न करें।
🔹 साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं और तुरंत 1930 पर कॉल करें। साथ ही cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें तथा संबंधित बैंक को तत्काल सूचना दें।
🔹“सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।
जागरूक रहें, सुरक्षित रहें—साइबर अपराधियों को मौका न दें।”





