
भोपाल: पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश के स्कूलों में ‘माटी गणेश-सिद्ध गणेश’ अभियान mati ganesh siddh ganesh abhiyan चलाया जा रहा है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), मध्य प्रदेश ने प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को एक आधिकारिक पत्र जारी कर शासकीय एवं अशासकीय (निजी) विद्यालयों के विद्यार्थियों की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
संचालनालय द्वारा जारी आदेश पत्र (क्र. /अकादमिक/सी/2026/1290) के अनुसार, यह अभियान माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में 4 सितंबर 2026 को शुरू किया गया है। इसका मुख्य लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक परिवार को गणेश उत्सव के अवसर पर मिट्टी के गणेश जी की स्थापना करने के लिए प्रेरित करना है।
विद्यार्थियों को मिलेगा प्रशिक्षण:mati ganesh siddh ganesh abhiyan
- गणेश जी बनाने का प्रशिक्षण: पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए, इस अभियान के तहत परिषद के नेटवर्क द्वारा विद्यार्थियों को इको-फ्रेंडली मिट्टी के गणेश जी बनाने का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
- नोडल एजेंसी: इस पूरे कार्यक्रम के संचालन के लिए मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद को नोडल संस्था बनाया गया है।
- स्तरीय जिम्मेदारी: जिला स्तर पर जिला समन्वयक तथा विकास खण्ड स्तर पर विकास खण्ड समन्वयक (मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद) को इस अभियान का नोडल अधिकारी नामांकित किया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि: mati ganesh siddh ganesh abhiyan
संयुक्त संचालक (लोक शिक्षण, मध्य प्रदेश) के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश की प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव (मंत्रालय, वल्लभ भवन भोपाल), मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक, और प्रदेश के समस्त संभागीय संयुक्त संचालक (लोक शिक्षण) को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है। इस आदेश के बाद अब सभी जिलों के स्कूलों में बच्चों को पर्यावरण-अनुकूल गणेश मूर्तियां बनाने के लिए जागरूक और प्रशिक्षित किया जाएगा।



