
mp mousam updete अगले 12–18 घंटों के दौरान आगर मालवा, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, भोपाल, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, होशंगाबाद, इंदौर, झाबुआ, खंडवा (पूर्व निमाड़), खरगोन (पश्चिम निमाड़), मंदसौर, मुरैना, नरसिंहपुर, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सागर, सीहोर, शाजापुर, शिवपुरी, टीकमगढ़, उज्जैन और विदिशा में कई स्थानों पर रुक-रुककर मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
इस दौरान 20–30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर मध्यम तीव्रता की बिजली गिरने की भी संभावना है।
mp mousam updete मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 48 घंटों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम प्रणाली (निम्न वायुदाब और मानसून ट्रफ) के मजबूत होने से प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश आफत बन सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों को आगाह किया है कि वे नदियों, जलभराव वाले क्षेत्रों और बिजली के खंभों से उचित दूरी बनाए रखें।
इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा (येलो और ऑरेंज अलर्ट)
mp mousam updete IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार, मध्य प्रदेश के सतना, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर और शिवपुरी समेत करीब 15 से अधिक जिलों में भारी बारिश की विशेष चेतावनी है। इसके अलावा:
- तेज हवाओं का तांडव: बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक की आशंका है।
- वज्रपात का अलर्ट: मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने (Lightning) की गंभीर चेतावनी देते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
नदियां उफान पर, कई जिलों में स्कूल बंद
लगातार हो रही बारिश के कारण नर्मदा, मंदाकिनी, केन और उर्मिल जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पहले ही ग्वालियर, चंबल और भोपाल संभाग के कई जिलों (मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, भिंड और रायसेन) में एहतियातन स्कूलों को बंद करने के निर्देश दे चुका है।
प्रशासन की आम जनता से अपील:
- अनावश्यक यात्रा से बचें: नदी-नालों के रपटे या पुल पर पानी होने पर उसे पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।
- बिजली चमकने पर बरतें सावधानी: आकाशीय बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और मोबाइल टावरों के नीचे शरण न लें।
- बाढ़ चौकियों को निर्देश: जिला प्रशासन ने सभी आपदा प्रबंधन टीमों (SDRF) को अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।




