
multai pulis dushkarm mamla मुलताई पुलिस ने आदिवासी महिला से दुष्कर्म के आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया है। आरोपी के विरुद्ध BNS एवं SC/ST एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज, विशेष टीम ने गांव चिमनखापा से घेराबंदी कर पकड़ा गया।
बैतूल जिले में आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं दोषियों के विरुद्ध त्वरित कानूनी कार्रवाई हेतु पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे एवं एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मुलताई निरीक्षक विकास पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा आदिवासी महिला से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया गया।
दिनांक 19 सितंबर 2026 को फरियादिया ने अपने पति के साथ थाना मुलताई उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि सुबह करीब 09:30 से 10:00 बजे के बीच वह अपने खेत में घास काट रही थी। इसी दौरान खेत के पास सड़क किनारे पेड़ के नीचे बैठकर पानी पी रही थी। तभी आरोपी रवि सोनवाने मोटरसाइकिल से वहां आया और बातचीत करने के बाद फरियादिया को अपने साथ चलने के लिए कहने लगा।
फरियादिया द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की तथा धमकाया। इसी दौरान फरियादिया के मोबाइल पर फोन आने पर आरोपी ने मोबाइल छीनकर क्षतिग्रस्त कर दिया। फरियादिया द्वारा बचाव के लिए शोर मचाने पर सड़क से मोटरसाइकिल आने की आवाज सुनकर आरोपी मौके से भाग गया।

फरियादिया की रिपोर्ट पर थाना मुलताई में अपराध क्रमांक 786/26, धारा 64(1) बीएनएस एवं धारा 3(1)(w)(ii), 3(2)(v) एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना स्तर पर विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम द्वारा आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
सतत प्रयासों एवं प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी रवि पिता लेखराम सोनवाने, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम चिमनखापा, जिला पांढुर्णा को उसके गांव चिमनखापा से घेराबंदी कर पकड़ा। आरोपी को दिनांक 20 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास पटेल, उप-निरीक्षक मोनिका पटले, उप-निरीक्षक नितिन उइके, प्रधान आरक्षक सुनील पंद्राम, आरक्षक अभिषेक वाडिवा, आरक्षक विवेक चौरे एवं आरक्षक सेवाराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




