
मध्य प्रदेश के शहरी इलाकों में आवासीय (Residential) क्षेत्रों के भीतर नियम विरुद्ध संचालित हो रही व्यावसायिक गतिविधियों (Commercial Activities) के खिलाफ राज्यभर में प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। राजधानी भोपाल सहित अन्य बड़े जिलों में रहवासी कॉलोनियों और इलाकों में चल रही दुकानें, कोचिंग क्लासेस, रेस्टोरेंट और गोदामों पर नकेल कसते हुए नगर निगम और जिला प्रशासन ने आज से करीब 5,778 सख्त नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है Bhopal Commercial Activity Notice MP Residential Commercial Ban। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध संचालनकर्ताओं में हड़कंप मच गया है।
नागरिकों की शिकायतों और ट्रैफिक जाम पर बड़ा फैसला
प्रशासन को लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि शांत रहवासी क्षेत्रों में कमर्शियल दुकानें और संस्थान खुलने से स्थानीय लोगों की शांति भंग हो रही है। इसके अलावा बेतरतीब पार्किंग के कारण आए दिन ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न होती है और सुरक्षा के मापदंडों की भी अनदेखी की जा रही है। मास्टर प्लान और ज़ोनिंग नियमों के उल्लंघन को देखते हुए प्रशासन ने अब बिना किसी रियायत के कार्रवाई करने का मन बनाया है।
इन क्षेत्रों में है सबसे ज्यादा सख्ती
सर्वेक्षण के दौरान सामने आया है कि भोपाल के नरेला और गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले रिहायशी इलाकों में सबसे अधिक व्यावसायिक गतिविधियां नियमों के विरुद्ध चल रही हैं। इसके अलावा अन्य प्रमुख शहरों में भी वार्डवार सूचियां तैयार कर ली गई हैं।
चेतावनी और आगे की कार्रवाई
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- नोटिस और समयावधि: प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले इन नोटिसेज में संबंधित संचालकों को अपनी गतिविधियां बंद करने या वैध व्यावसायिक क्षेत्र में शिफ्ट होने के लिए एक निश्चित मियाद दी जाएगी।
- भारी जुर्माना और सीलिंग: यदि तय समय सीमा के भीतर अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठान नहीं हटाए गए, तो नगर निगम का अमला सीधे तौर पर ताला बंदी (सीलिंग) और भारी जुर्माने की कार्रवाई को अंजाम देगा।
- अदालत और नियमों का हवाला: शहरी विकास एवं आवास विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि आवासीय क्षेत्रों में केवल अनुमत घरेलू उपयोग ही मान्य हैं, व्यवसायिक उपयोग पर कानूनी रोक है।