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अतिथि शिक्षकों के हाल बेहाल, दोगुने मानदेय का था वादा, 5 महीने से नहीं मिला पुराना मेहनताना

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विशाल भौरासे की रिपोर्ट

  • अतिथि शिक्षकों के हाल बेहाल, दोगुने मानदेय का था वादा, 5 महीने से नहीं मिला पुराना मेहनताना
  • हज़ारों अतिथि शिक्षक सरकार की वादा खिलाफी से नाराज, बीईओ को दिया ज्ञापन

छिन्दवाड़ा। प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले अतिथि शिक्षकों की महापंचायत बुलाकर उनके मानदेय को दोगुना करने का वादा किया गया था। लेकिन 5 महीनों से ज्यादा का वक्त बीत चुका है दोगुना तो छोड़िए पुराना वाला मानदेय भी नियमित तौर पर नहीं मिल रहा है। ऐसे में प्रदेश के अतिथि शिक्षक जिला शिक्षा अधिकारी और स्कूल शिक्षा मंत्री के यहां दर-दर चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। इन अतिथि शिक्षकों का इंतजार है कि खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हज़ारों अतिथि शिक्षक सरकार की वादा खिलाफी से नाराज हैं।
इस मामले में छिंदवाड़ा जिले के हर्रई विकासखंड के अथिति शिक्षको ने विकाशखंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश कालम्बे को एक आवेदन सौंपकर अपनी पीड़ा व्यक्त की है।
अतिथि शिक्षक संदीप नागवंशी, विनोद वाड़िवा, प्रदीप डेहरिया, भुवनेश्वर डेहरिया, राजेंद्र कुमरे, विशाल गुन्हेरे, राजेश धुर्वे, नंदकिशोर सोनी ने बताया प्रदेश सरकार के वादे के अनुसार दोगुना तो छोड़िए 5 महीने पुराना वेतन ही नहीं मिला, जिससे घर की माली हालत खराब हो रही है। ज्ञापन में बताया गया कि हर्रई विकासखंड के समस्त अतिथि शिक्षकों को पिछले 4 से 5 माह तक का वेतन नहीं मिला है। वेतन नहीं मिलने के कारण कई अतिथि शिक्षकों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। पहले भी कई बार वेतन दिलाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिए जा चुके हैं। लेकिन अभी तक हमारा वेतन नहीं मिला है।
— 14 वर्ष से पद पर रहकर रेवड़ी बाट रहे बीईओ–
अब सावल यह है की बीईओ प्रकाश कालम्बे विगत 14 वर्षो से हर्रई विकास खंड में पदस्थ है, इसके बावजूद अतिथि शिक्षकों को मानदेय जैसी समस्या से जूझना पड़ रहा है। इनकी सुस्त रवैएके कारण अतिथि शिक्षकों को दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। शिक्षकों ने बताया कि बीईओ कालम्बे एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय हर्रई के प्रभारी प्राचार्य भी है, विगत दिनों पूर्व बालक छात्रावास से छात्र गायब होने की घटना घटी थी। बाद में छात्र एक ढाबे के पास से पकड़ा गए थे, जिसके बाद आनन- फानन में छात्रों को इन्ही के द्वारा छात्रावास से निकाल दिया गया था। खबर प्रकाशित होने के बाद छात्रों के परिजनों को बुलाकर शपथ पत्र भी लिखाया गया था, जिसके बाद छात्र छात्रावास में ही रहने लगे थे, इस ओर जिला अधिकारियों ने कोई गम्भीर जांच पड़ताल नही की।
— आईटीआई का भी नही दे रहे जवाब–
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में बीईओ द्वारा सत्र 2020- 2021 में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में संस्था के नाम से विभिन्न सामग्री की बड़े पैमाने पर खरीदी की गई थी, जिसकी जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत संस्था से मांगी गई थी, जानकारी देने में भी यह असमर्थ रहे। यहां तक कि इन्होंने इस संबध में कोई लिखित जवाब तक देना सही नही समझा।