
ब्यूरो रिपोर्ट
सारनी और पाथाखेड़ा में आरएसएस का निकला पथ संचलन स्वयंसेवकों का फूलों से हुआ स्वागत पाथाखेड़ा में बारिश के बीच कदम से कदम मिलाकर चलें सैकड़ों स्वयंसेवक
सारनी। विधुत नगरी सारनी एवं कोयलांचल नगरी पाथाखेड़ा में रविवार सुबह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस का विशाल पथ संचलन निकला। वहीं रविवार दोपहर में हीं पाथाखेड़ा में भी संघ का पथ संचलन निकला संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित इस संचलन में एक सैकड़ा से अधिक स्वयंसेवक शामिल हुए। दोनों पथ संचलन में शामिल हुए यह संचलन भगत सिंह बस्ती स्थित सरस्वती शिशु मंदिर ग्राउंड से शुरू हुआ।
संचलन से पूर्व सरस्वती शिशु मंदिर में स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण हुआ। इस दौरान विशेष अतिथि के नेतृत्व में भगवा ध्वज का ध्वजारोहण के बाद सामूहिक गीत प्रस्तुत किया गया, जिसमें सभी स्वयंसेवकों ने भाग लिया। मुख्य वक्ता ने बताया कि डॉ. हेडगेवार ने आज ही के दिन कुछ युवाओं के साथ नागपुर में संघ की स्थापना की थी।

उन्होंने देश में परिवर्तन के लिए पांच संकल्प लेने का आह्वान कियाः पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब सहेजना, सामाजिक समरसता, नागरिक अनुशासन और स्वदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल। बौद्धिक सत्र के बाद पथ संचलन सरस्वती शिशु मंदिर से प्रारंभ होकर साईं मंदिर चौराहा, सुपर डी, स्टेट बैंक चौक, मस्जिद चौक, विजासन मंदिर, केंद्रीय विद्यालय, जय स्तंभ चौक होते हुए सरस्वती शिशु मंदिर तक लगभग तीन से चार किलोमीटर चला। रास्ते में संचलन में शामिल स्वयंसेवकों पर लोगों द्वारा पुष्प वर्षा की गई, जिससे उनका उत्साह बढ़ा। इस पथ संचलन में एक सैकड़ा से अधिक स्वयंसेवकों ने कदमताल की। पूरे संचलन मार्ग पर पुलिस बल ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में जुटा रहा, जिससे यातायात सुचारु रूप से चलता रहा।