सेवा, सिमरन और संगत का संगम बना शहीदी पर्व का आयोजन

ब्यूरो रिपोर्ट
*सेवा, सिमरन और संगत का संगम बना शहीदी पर्व का आयोजन*
*गुरुद्वारे में तीन दिवसीय प्रकाशमयी समागम संपन्न,*
*गुरु तेग बहादुर जी की बाणी और इतिहास से गूंजा गुरुद्वारा साहिब*
बैतूल। सिखों के नवें गुरु, गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी पूरब पर गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में तीन दिवसीय भव्य समागम आज श्रद्धा और आदर के साथ पूर्ण हुआ। आयोजन की शुरुआत रविवार सुबह प्राकृतिक चिकित्सा शिविर से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में शहरवासियों ने स्वास्थ्य लाभ लिया।

रात के कीर्तन दीवान में संगत ने अमृत धारा में डुबकी लगाई। दीवान उपरांत गुरु का लंगर प्रेमपूर्वक बरताया गया। सोमवार दोपहर 1:30 बजे गुरुद्वारे से नगर कीर्तन निकाला गया, जिसने शहर के प्रमुख मार्गों पर आध्यात्मिक माहौल निर्मित कर दिया।

पंज प्यारे साहिबान के नेतृत्व में नगर कीर्तन आगे बढ़ता रहा और शहरभर की विभिन्न समाज संस्थाओं, धर्मप्रेमियों, मोहल्ला समितियों व संगत ने पुष्पवृष्टि कर स्वागत किया। नगर पालिका ने मार्ग की विशेष सफाई की, जबकि प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रखी।
समापन दीवान में गुरुघर के वजीर भाई अरविंदर सिंह जी ने गुरु तेग बहादुर साहिब जी की बैरागमयी बाणी और पावन इतिहास का विवरण दिया, जिससे पूरा गुरुद्वारा वातावरण भावविभोर हो उठा। अंतिम दिन मंगलवार को दोपहर 1:30 से शाम 5 बजे तक अटूट लंगर चला।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सभी धर्मप्रेमियों, समाज प्रमुखों, सेवादारों, नगर पालिका और प्रशासन का हार्दिक धन्यवाद प्रकट किया।