
दीनू पवार
#सांईखेड़ा:- दिनांक 01/01/2026 को भारतीय गणितज्ञ स्वामी श्री निवास रामानुजन अय्यर की जयंती सप्ताह अवसर पर राष्ट्रीय गणित दिवस 2025 का विषय:- गणित दिवस प्रदर्शनी
स्वयंसेवी संस्थाएं महासंघ मध्यप्रदेश भोपाल एवं मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद विज्ञान भवन भोपाल के तत्वावधान में शा. उच्च.मा.वि.भडूस जिला बैतुल में किया गया।

अतिथियो एवम स्कूल प्राचार्या सहित माँ सरस्वती जी की प्रतिमा समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया गया। पश्चात अतिथियो ने रिबन काटकर विद्यार्थियों द्वारा बनाये गए गणितीय मॉडल एवम प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए बच्चों से उसका विश्लेषण भी किया गया।

विशिष्ट अतिथि राज्यपाल पुरस्कृत प्राचार्य श्री यादवराव जी पांसे ने अपने विचार व्यक्त रखते हुए कहा कि- हमारे देश भारत में आदिकाल से ही गणित के ज्ञान की समृद्ध परंपरा रही है। श्रीनिवास रामानुजन जी जिन्हें गणित का जादूगर कहा जाता है,उन्होंने संख्या सिद्धांत और अनंत श्रृंखला में असाधारण योगदान दिया। जन समुदाय एवं विद्यार्थी गणित विषय को एक कठिन विषय के रूप में जानते हैं उनकी यह धारणा सही नहीं है, जब हम गणित को किताबी ज्ञान तक ही सीमित रखते हैं,तब वह कठिन लगता है, और जब हम हमारे दैनिक गतिविधियों के साथ व्यावहारिक रूप से जोड़कर अध्ययन अभ्यास करते हैं, तो वह सरल हो जाता है।

विद्यार्थियों में मूलभूत दक्षता की अवधारणाओं जैसे जोड़,घटाव, गुणा व भाग, के साथ दशमलव संख्याओं, पूर्णांकों का पर्याप्त अभ्यास का अवसर कक्षा में मिले एवं छात्र घर पर बार-बार अभ्यास करें, तो गणित विषय इतना सरल हो जाता है की छात्रा गणित को ही अपना रुचिकर विषय बना देता है। शिक्षक साथियों से भी अनुरोध है कि गणित विषय के अध्यापन में छात्रों के सीखने के स्तर को ध्यान में रखते हुए शिक्षण सहायक सामग्री का उपयोग करके गणित को सरलता से सीखने एवं अभ्यास के पर्याप्त अवसर देकर गणित के भय को दूर किया जा सकता है।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मणिकर्निका पुरस्कार प्राप्त एवम लायंस कल्ब की पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीमती मधुबाला देशमुख (सेवा निवृत व्याख्याता) ने स्वामी रमानुजन जी के योगदान पर सभा को संबोधित करते हुए कहा कि- संख्या श्रेणि और विभाजन कार्यो मे उनका योगदान आज भी गणित की दुनिया में अमूल्य है। उन्होंने विधार्थियों को गणित को ध्यान से समझकर पढ़ने और उसके प्रति रुचि पैदा करने के लिए प्रेरित किया। श्री रामानुजन जी ने 12 वर्ष की उम्र में ही त्रिकोणमति मे महारथ हशील कर ली थी, यह भी बताया कि दो संख्याओं के योग से बनंने वाली विशेष संख्या है जिसे मैजिक नम्बर भी कहा जाता है। उन्होंने दैनिक जीवन में गणित की उपयोगिता को सरल उदाहरण के माध्यम से संझाइस दी गयी।

श्रीमती देशमुख ने भडूस स्कूल के समस्त स्टाफ् एवम आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री डॉ. खुशराज धोटे जी का आभार व्यक्त किया गया।
संस्था की प्रभारी प्रचार्या श्रीमती सुरेखा साबले ने कहा कि -जिंदगी एक गणित है, इसमें अछाइयो को जोड़ो ,बुराईयो को घटाओ,दोस्ती का गुणा करो ,दुश्मनी का भाग दो जिसने इसे हल कर लिया उसकी जिंदगी सफल हो गयी।
कार्यक्रम आयोजन संस्था- स्वयंसेवी संस्थाएं महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष,एवम राष्टृपति द्वारा सम्मानित डॉ. खुशराज धोटे ने बताया कि श्री निवास रामानुजन अय्यर का जन्म दक्षिण भारत में तमिलनाडु राज्य इरोड गांव में 22 दिसंबर 1887 मे हुआ।

आपने 3887 प्रमेय प्रतिपादित किये, गणित आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद है,गणित के क्षेत्र में आपके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।आपके शोधों पर कई किताबे लिखी गई है,जिसे देश विदेश में पढ़ी और पढाई जाती हैं। इन सबको देखते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह जी द्वारा 22 दिसंबर 2012 से आपकी जयंती समारोह को राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाने का आव्हान किया तभी से आपकी जयंती को 22 दिसंबर को मनाये लगा। यह कार्यक्रम गणित के प्रति सकरात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की सार्थक पहल है। डॉ.धोटे ने बताया कि यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश विज्ञान एवम प्रौधौगिकी परिषद विज्ञान भवन भोपाल के सहयोग से सभी शिक्षण संस्थानों में किया जा रहा है।

कार्यक्रम का सफल संचालन श्री अमित कुमार अमरुते शिक्षक द्वारा किया गया एवम कार्यक्रम का आभार श्री डी एन पाटिल जी द्वारा किया गया। गणित दिवस प्रदर्शनी में 34 छात्र/ छात्राओ ने गणित के प्रति रुचि लेकर उत्साह से भाग लिया। इस कार्यक्रम में स्कूल कर्मचारियों मे श्री गुलाबराव धोटे (गणित शिक्षक) श्री पंकज पवार, अमोल काले, उमेश शर्मा, श्रीमती योगीता गायकवाड (गणित शिक्षक) श्रीमती रश्मि साहू ,पुष्पा उईके ,पदमिनी चौबे ,जस्मु दहिकर ,डॉ. संजु धुर्वे, हीरा चडोकार, नम्रता पांसे, मोनिका हरसुले, गीता बिसोने एवम मास्टर मयंक कुमार महाले आदि शिक्षक शिक्षिकाये प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

कार्यक्रम के अंत मे गणित प्रदर्शनी मॉडल प्रतियोगिता मे भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवम तृतीय पुरस्कार प्रदान किये गए अन्य छात्रों को सांत्वना पुरस्कार एवम प्रमाण पत्र दिये गये।

कार्यक्रम में राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक श्री यादवराव जी पांसे ने मुख्य अतिथि एवम गणित शिक्षकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।


