
भारती भूमरकर
सारणी। वर्षों से ग्रामीण इलाकों के परंपरागत खेलों में एक पट प्रतियोगिता का आज भी आदिवासी बाहुल क्षेत्रों में खासा महत्व है। बगडोना के छतरपुर ग्राम रोड पर हुई पट प्रतियोगिता में रविवार को दूरदराज के अनेकों लोग पहुंचे। पट प्रतियोगिता बगडोना समिति द्वारा प्रतिवर्षानुसार आयोजित की जाती है। इस आयोजन में दूर-दूर से आए अन्य क्षेत्रों के पशुपालकों ने अपने 35 से अधिक बैल जोड़ियों के माध्यम से भाग लिया। आयोजन समिति के सोनू परते, रवि मर्सकोले, पूरन वरकडे ने बताया कि पट प्रतियोगिता के आयोजन में शाहगंज, बोरदेही, मेहकार, महेन्दवाड़ी, पहावाड़ी, हथनोरा, धसेड़, सकडवाडा, जामगांव, छुरी साहित अन्य ग्रामों के पशुपालकों ने अपनी बैलजोड़ियों के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया। इनमें सामान्य पट प्रतियोगिता में शाहगंज के प्रसाद गौर के राजा-हरनिया बैलजोड़ी ने महज 5 सेकंड 93 पाइंट में सबसे तेज दौड़कर प्रतियोगिता पर कब्जा बनाया। इन्हें 9001 रूपये का नगद पुरस्कार दिया। दूसरे स्थान पर जामगांव के बाबा पटेल के रायफल-गब्बर बैलजोड़ी रहे। वही क्षेत्रीय पट प्रतियोगिता में मेहकार के पप्पू नर्रे की नंदी-राकेर बैलजोड़ी ने 6 सेकंड 49 पाइंट में दूरी तय कर जीत का खिताब अपने नाम किया। इन्हें 4201 रूपये का नगद पुरस्कार दिया। बगडोना के रामधरण परते के गब्बर- सफेरा बैलजोड़ी ने 6 सेकंड 58 पाइंट में दूरी तय कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। दोनों प्रतियोगिताओं में एक से 16 वां स्थान प्राप्त करने वाले कुल 32 प्रतिभागियों को उनके सफलताओं के अनुसार नगद पुरस्कार राशि वितरित की गई। प्रतियोगिता का नगद पुरूस्कार देने वाले पूरन वरकडे, दिलीप वरकडे, कृष्णा मर्सकोले ने कहा कि प्रतिवर्ष पट प्रतियोगिता कराना का उद्देश्य ग्रामीण खेल संस्कृति, पारंपरिक पशुपालन को बढ़ावा देना, किसानों और पशुपालकों का उत्साह बढ़ाना व स्थानीय परंपराओं को संजोना है।