
ब्यूरो रिपोर्ट
स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन जेएच कॉलेज परिसर में किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री दुर्गादास उईके, जिला विकास सलाहकार समिति सदस्य श्री सुधाकर पवार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अक्षत जैन, अपर कलेक्टर श्रीमती वंदना जाट, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अनिल कुशवाह, एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह तथा स्वामी स्वाम्यानंद जी महाराज, श्री मदान सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा और बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती कृष्णा हजारे द्वारा किया गया। इस अवसर पर भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रेरक उद्बोधन का श्रवण उपस्थित जनों ने किया। सभी प्रतिभागियों ने अनुशासित रूप से सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम के तीन-तीन चक्रों का अभ्यास किया।

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री दुर्गादास उईके ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने विषम परिस्थितियों में भी भारत की गौरवशाली संस्कृति और दर्शन को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया। उन्होंने कहा था कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त व्यक्ति ही जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति कर सकता है। स्वामी विवेकानंद जी का व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

केंद्रीय मंत्री श्री उईके ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है और युवाओं के कंधों पर देश के भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के गुण तप, त्याग और भक्ति को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि मजबूत शरीर और चरित्र वाला व्यक्ति ही राष्ट्र को सही दिशा दे सकता है। उन्होंने शरीरबल, मनोबल, आत्मबल और ब्रह्मबल की व्याख्या करते हुए कहा कि इन चारों बलों के विकास के लिए सूर्य नमस्कार अत्यंत आवश्यक है। युवाओं को भयमुक्त होकर शरीर को मजबूत और चरित्र को सुदृढ़ बनाना चाहिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महाविद्यालय और स्कूलों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।





