
मनोज लिल्हारे
बैतूल। घोड़ाडोंगरी तहसील के ग्राम पंचायत धसेड के सरपंच द्वारा मध्यप्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (एमपीपीजीसीएल) द्वारा किए गए विकास कार्यों की जांच की मांग को लेकर एक लिखित आवेदन केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके को सौंपा गया है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम क्षेत्र की लगभग 130 हेक्टेयर भूमि में से 57 किसानों की भूमि विद्युत गृह स्थापना हेतु अधिग्रहित की गई थी। वर्ष 2009 में ग्राम पंचायत एवं कंपनी के मध्य हुए समझौते के तहत गांव में सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, खेल मैदान, स्टॉप डैम, पूजा घर, गौशाला और डाकघर जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित किए जाने का प्रावधान था।
सरपंचऔर ग्राम वासियो का आरोप है कि एमपीपीजीसीएल द्वारा कराए गए कई विकास कार्य अधूरे हैं तथा जिन कार्यों को पूर्ण बताया गया है, उनकी गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं है। इससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों ने केंद्रीय राज्य मंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, दोषियों पर कार्रवाई करने तथा शेष विकास कार्य शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की है। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है आवेदन सोपने वालो मे गणेश उइके कृष्णा मर्सकोले,राकेश उइके सुरेश परते. जीतेन्द्र मर्सकोले रामबिलास सलाम. परेश उइके महेश मर्सकोले. कैलाश उइके रावण सींग उइके राजेंद्र उइके तिलक उइके महेन्द्र मर्स कोले. रमेश उइके नंदकिशोर उइकेविजय धुर्वे कुलदीप तुमराम शिवप्रसाद रामपाल धुर्वे संतराम धुर्वे मर्सकोले मनोज धुर्वे अजय मर्सकोले आदि बड़ी संख्या मे ग्रामीण उपस्थित रहे!



