
ब्यूरो रिपोर्ट
- पीड़ित महिला को नहीं सुन रही, तहसीलदार, पुलिस और ग्राम पंचायत
- सीएम हेल्प लाईन दर्ज मामला एक दूसरे पर टाल रहे मामला।
बैतूल/आठनेर (मध्य प्रदेश राज्य )- बैतूल जिले की तहसली आठनेर के अंतर्गत ग्राम पंचायत दहेगुड़ की नये गावं निवासी अनीता डडोरे पेशे से गुणवंत बाबा मंदिर की पूजा पाठ कर अपना जीवन यापन करती हैं। ग्राम नये गांव में पड़ोसी बहुबल के जरिए सरकारी रास्ता पर अवैध कब्जा कर रहा हैं जिससे पड़ोस में रहने वाली अनीता डडोरे को आवास तक आने जाने में परेशानी हो रहीं हैं और विरोध करने पर बाहुबली टापचंद पिता रामा सोलंकी और सुशीला सोलंकी ने लड़ाई झगड़ा किया और मार पीट उतारू हो गई। शिकायत ग्राम पंचायत, पुलिस और तहसीलदार तक पहुंची लेकिन कुछ नहीं हुआ।
घटना इस प्रकार हैं कि दिनांक 06.01.2026 को आठनेर तहसीलदार और 10.01.2026 को पुलिस थाना आठनेर में अनीता डडोरे ने शिकायत कर बताया कि आवास के सामने स्थित कुंआ और पड़ौसी टापचंद के मध्य 10 फिट चौड़ा रास्ता था। टापचंद ने आवास निर्माण करते हुए सरकारी जमीन पर करीब 05 फिट पर कब्जा कर लिया जिस पर पहले एक बैलगाड़ी आसानी से आ जा सकती थी लेकिन अब एक मोटर साईकिल का धर तक पहुंचना कठिन हो गया हैं। बाहुबली टापचंद किराड़ और सुशीला सोलंकी ने इसके आगे और अतिक्रमण कर लिया और गंदा पानी बहाते हैं। अनीता डड़ोरे द्वारा विरोध करने पर जमकर अपशब्दो का प्रयोग किया गया, जान से मार देने की धमकी दी गई तो मामला पुलिस तक पहुंचा। ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच और सचिव तक शिकायत की गई लेकिन वे सभी तहसीलदार से शिकयत करने का कहकर मामले को टालते हैं। विवाद के दौरान पुलिस पहुंची लेकिन पुलिस को ना जाने एैसा क्या मिल गया कि आगे दोनो पक्षों का कथन दर्ज करने के अतिरिक्त ज्यादा कुछ नहीं हुआ। पीड़ित महिला अनीता बताती हैं कि पटवारी आया था मौका देखा, पंचनामा बनाया अतिक्रमण पाया गया लेकिन अतिक्रमण हटाने की दिशा में कुछ नहीं हुआ।
इसके बाद मामला जनसुनवाई में बैतूल तक पहुचा, शिकायत दर्ज हुई लेकिन फिर से कोई नतीजा नहीं निकला। लोक सेवक का धर्म भूल चुकी तहसीलदार ने मौके पर पहुंच कर सरकारी रास्ता से अतिक्रमण हटाना तो दूर पीड़ित महिला तक पहुंचने की जहमत तक नहीं उठाई हैं। जनसुनवाई में शिकायतो के बुरे हाल देखने के बाद मामला सीएम हेल्प लाईन तक पहुंच गया हैं। मामला सरकारी रास्ते से अवैध अतिक्रमण हटाने का हैं जिसके लिए कोई लोक सेवक कुछ भी नहीं करने को तैयार हैं। इससे तो लगाता हैं कि कानून के हाथ ना तो लंबे हैं और ना तो मजबूत हैं। बाहुबली दबंग टापचंद किराड़ सकारी जगह पर कब्जा कर मकान बना चुका हैं और पीड़ित महिला सरकारी रास्ते से कब्जा हटवाने के लिए सरकारी तंत्र में भटक रहीं हैं।




