
सुखदेव मोहबे
सारनी। वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड डब्ल्यूसीएल के पाथाखेड़ा क्षेत्र की तीनों खदानों में कार्यरत ठेका मजदूरों का बकाया वेतन को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन शनिवार को नौवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन में शामिल महिला मजदूरों ने भी ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वेतन अकाउंट में डालकर पैसा वापस करने का कहा जा रहा है मजदूरों ने कहा दो माह से ज्यादा समय से वेतन नहीं दिया गया है और अब पूरा भुगतान करने के बजाय मात्र 10 से 15 दिनों की हाजिरी के अनुसार राशि खातों में डालकर मजदूर संगठन में फूट डालने की कोशिश की जा रही है।
मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार प्रबंधन को यह झूठी जानकारी दे रहे हैं कि सभी श्रमिकों को पूरा वेतन भुगतान कर दिया गया है, जबकि वास्तविकता यह है कि क्षेत्र के सैकड़ों मजदूर अभी भी अपने हक के पैसे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। होली जैसे प्रमुख त्योहार से पहले वेतन नहीं मिलने से मजदूरों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष किशोर बर्दे आंदोलन स्थल पर पहुंचे और मजदूरों से चर्चा कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने मजदूरों को आश्वस्त किया कि उनके हितों को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन और ठेकेदारों से चर्चा कर जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार शनिवार को एक महिला मजदूर को कथित रूप से पैसे वापस नहीं करने पर काम से रोक दिया गया था, जिसका समाजसेवियों ने विरोध किया। एटक यूनियन के अध्यक्ष श्रीकांत चौधरी ने तत्काल प्रबंधन के एपीएम से संपर्क कर मामले को उठाया, जिसके बाद संबंधित अधिकारी द्वारा महिला मजदूर को अगले दिन से काम पर बुलाने की सहमति दी गई।
समाजसेवी प्रदीप नागले, संतोष देशमुख और मनोज पवार ने बताया कि जब तक पाथाखेड़ा क्षेत्र के सभी मजदूरों का पूरा बकाया वेतन भुगतान नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं आरोप है कि ठेकेदार मजदूरों पर काम पर लौटने का दबाव बना रहे हैं और कुछ श्रमिकों को आंशिक भुगतान कर प्रबंधन को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।





