
ब्यूरो रिपोर्ट
🔷 “सौदे के विवाद में प्रताड़ना बनी मौत की वजह
🔹 सारणी पुलिस ने 24 घंटे में आरोपियों को दबोचा”
🔹जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी एवं एसडीओपी सारणी सुश्री प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में थाना सारणी पुलिस द्वारा तत्परता दिखाते हुए प्रताड़ना के आरोपीगण को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया गया।
🔷 घटना का विवरण:
दिनांक 28.04.2026 को थाना सारणी में मर्ग क्रमांक 27/2026 धारा 194 बीएनएसएस के तहत जांच प्रारंभ की गई। जांच के दौरान मृतक हंसराज पद्माकर (उम्र 49 वर्ष), निवासी आजाद नगर पाथाखेड़ा की मृत्यु प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई। घटनास्थल से प्राप्त भौतिक साक्ष्य, परिजनों के कथन एवं मृतक द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट के आधार पर स्पष्ट हुआ कि मृतक की मृत्यु प्राकृतिक न होकर प्रताड़ना के कारण हुई आत्महत्या है।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी राजकुमार लोखंडे एवं उसकी पत्नी निशा लोखंडे, निवासी बडोरा (बैतूल बाजार) द्वारा मकान विक्रय के नाम पर 25 लाख 21 हजार रुपये का सौदा कर 3 लाख 70 हजार रुपये बयाना राशि के रूप में प्राप्त की गई थी। इसके पश्चात आरोपियों द्वारा रजिस्ट्री न कर बयाना राशि लौटाने से इंकार किया गया तथा पैसे मांगने पर मृतक को झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उक्त प्रताड़ना से आहत होकर मृतक ने दिनांक 28.04.2026 को अपने निवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
🔷 कानूनी कार्रवाई:
प्रकरण में थाना सारणी में अपराध क्रमांक 115/26 अंतर्गत धारा 108, 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस द्वारा तत्परता से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर दिनांक 29.04.2026 को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
🔷 पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका:
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल इनवाती, उप निरीक्षक मनोज कुमार उइके (चौकी प्रभारी पाथाखेड़ा), प्रधान आरक्षक मनोज डेहरिया, आरक्षक राकेश करपे एवं महिला आरक्षक उर्मिला की विशेष भूमिका रही।
🔷 जन अपील:
पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की आर्थिक धोखाधड़ी, मानसिक प्रताड़ना या अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। समय पर दी गई सूचना से अपराधों की रोकथाम संभव है एवं निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।



