
सुखदेव मोहबे
सारनी/ जिला बैतूल कलेक्टर ऑफिस से आन्दोलन स्थल पर पहुंची अधिकारियों सहित टीम ने मजदूरों से मुलाकात की।श्रम कानूनों के पालन और बकाया वेतन पर जल्द कार्रवाई का मिला आश्वासन,वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के पाथाखेड़ा क्षेत्र की कोयला खदानों में ठेका मजदूरों के शोषण और बकाया वेतन को लेकर जारी अनिश्चितकालीन आंदोलन के बीच बुधवार दोपहर प्रशासनिक अमला आंदोलन स्थल पर पहुंचा। लगभग दोपहर 1 बजे जिला कलेक्टर बैतूल के निर्देश पर दो श्रम अधिकारी, नायब तहसीलदार, सारनी थाना प्रभारी तथा डब्ल्यूसीएल प्रबंधन के अधिकारी आंदोलन स्थल पर पहुंचे और मजदूरों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
अधिकारियों ने क्षेत्र की तीनों कोयला खदानों में कार्यरत ठेका मजदूरों से मुलाकात कर कथित आर्थिक शोषण, वेतन कटौती और अन्य अनियमितताओं की विस्तृत जानकारी ली। श्रम अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि श्रम कानूनों के अनुसार ठेकेदार और प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि मजदूरों तथा उनके परिवारों को समुचित चिकित्सा सुविधा, दुर्घटना की स्थिति में इलाज और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने प्रबंधन को इन प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान आंदोलन का प्रतिनिधित्व कर रहे समाजसेवी प्रदीप नागले और पत्रकार मनोज पवार ने अधिकारियों के समक्ष मजदूरों की प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि मजदूरों को उनके हक का पूरा वेतन सीधे बैंक खाते में दिया जाए, भविष्य में एक ही श्रेणी का निर्धारित वेतन समय पर भुगतान किया जाए तथा मजदूरों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित करने वाले ठेकेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही सीएमपीएफ की पासबुक बनाकर अब तक कटे अंशदान का पूरा हिसाब देने की मांग भी रखी गई। मजदूरों ने यह भी कहा कि उनके परिवारों को भी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और मजदूरी वापस लेने के लिए किसी प्रकार की प्रताड़ना न की जाए।
वहीं मजदूर नेताओं संतोष देशमुख, बाबूलाल भारती, सत्यवान मंडल और धर्मेन्द्र चौरे ने अधिकारियों को बताया कि क्षेत्र में कार्यरत महिला मजदूरों को डरा-धमकाकर वेतन का पैसा वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे मजदूरों में भारी आक्रोश है।
सारनी थाना प्रभारी जयपाल इवनाती ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि दो दिनों के भीतर सभी संबंधित ठेकेदारों के साथ बैठक कर मामले की विस्तृत चर्चा की जाएगी और मजदूरों को उनके हक का वेतन दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान एचआरएम विनायक शंकर, एन. रेड्डी, सुरक्षा अधिकारी प्रधान, श्रम अधिकारी अक्षय बनिया, नायब तहसीलदार संतोष पथोरिया सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रशासनिक टीम के पहुंचने से मजदूरों को उम्मीद जगी है कि लंबे समय से चल रहे शोषण और वेतन विवाद का समाधान अब जल्द निकल सकता है।




