
भारती भूमरकर
बैतूल: नेशनल लोक अदालत में न्याय की गूँज, एक ही दिन में 3000 से अधिक प्रकरणों का आपसी समझौते से निपटारा
बैतूल, 14 मार्च 2026: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के निर्देशानुसार आज जिला न्यायालय बैतूल सहित जिले की सभी सिविल अदालतों (आमला, भैंसदेही और मुलताई) में वर्ष 2026 की प्रथम नेशनल लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। आपसी सुलह और समझौते के आधार पर न्याय दिलाने के इस अभियान में हजारों लोगों को राहत मिली।
27 खंडपीठों ने किया मामलों का निराकरण
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री दिनेश चन्द्र थपलियाल के मार्गदर्शन में कुल 27 खंडपीठों का गठन किया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10:30 बजे दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश श्री शिवबालक साहू, जिला न्यायाधीश श्री सचिन घोष, श्री कैलाश नारायण अहिरवार, डॉ. कु. महज़बीन खान और प्राधिकरण की सचिव श्रीमती शर्मिला बिलवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आंकड़ों में सफलता: करोड़ों रुपये का समझौता
लोक अदालत में न्यायालयीन लंबित प्रकरणों और प्री-लिटिगेशन (मुकदमे से पहले) के मामलों में भारी सफलता देखने को मिली:
1. न्यायालय में लंबित प्रकरण:
कुल 967 लंबित मामलों का निपटारा किया गया। इसमें सबसे अधिक मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति, चेक बाउंस और आपराधिक शमनीय प्रकरण शामिल थे। इन मामलों में कुल 18 करोड़ 65 लाख 07 हजार 846 रुपये की समझौता राशि तय हुई, जिससे 2160 व्यक्ति लाभान्वित हुए।
2. प्री-लिटिगेशन प्रकरण (बैंक, बिजली व जल कर):
मुकदमा दर्ज होने से पहले ही 2127 प्रकरणों को आपसी सहमति से सुलझा लिया गया। इनमें बिजली चोरी और जल कर के मामलों की संख्या सर्वाधिक रही। प्री-लिटिगेशन में कुल 1 करोड़ 90 लाख 62 हजार 496 रुपये का समझौता हुआ।
मुख्य उपलब्धि
> “लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य ‘सुलभ और सस्ता न्याय’ प्रदान करना है। आज के सफल आयोजन से न केवल न्यायालयों का बोझ कम हुआ है, बल्कि पक्षकारों के बीच वर्षों से चली आ रही कटुता भी समाप्त हुई है।”