
ब्यूरो रिपोर्ट
- मंदिरों में हर्षोल्लास से मनाई श्री रामनवमी,
- श्री कृष्ण मंदिर में छोटे बच्चों को झूले में झुलाया
बैतूल। श्री रामनवमी पर जिले भर के मंदिरों में कई कार्यक्रम आयोजित हुए। शुक्रवार को श्री राधाकृष्ण मंदिर गंज, राजेंद्र वार्ड स्थित श्री कृष्ण पंजाबी मंदिर और श्री राम मंदिर रामनगर में प्रभु श्री राम का अवतरण दिवस मनाया गया। राधाकृष्ण मंदिर ट्रस्ट के प्रमोद अग्रवाल ने बताया कि मंदिर में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी प्रभु श्रीराम के अवतरण का पर्व श्रीरामनवमी पूर्ण हर्षोल्लास से मनाई गई। प्रातः 10 बजे से नरेश शर्मा, राजू दीक्षित, नितिन शर्मा एवं योगू शर्मा के साथ रामायण मंडल के सदस्यों द्वारा रामायण में वर्णित बाल कांड के दोहे के साथ एक से बढ़कर एक सुमधुर भजन कीर्तन आयोजित हुए। मध्यान ठीक 12 बजे भए प्रकट कृपाला दिन दयाला कौशल्या हितकारी की चौपाई गाकर महाआरती की गई। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं शिक्षाविद श्रीकांत दीक्षित ने श्रीराम के जीवन चरित पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री रामलला चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अयोध्या में प्रकट हुए। भगवान विष्णु ने रावण के विनाश और धर्म स्थापना के लिए मानवीय रूप में जन्म लिया। जब रामलला का जन्म हुआ, तब चारों ओर आनंद छा गया और देवतागण पुष्प वर्षा करने लगे। माता कौशल्या ने प्रभु के दिव्य चतुर्भुज रूप के दर्शन किए।
प्रभु श्री राम की बाल लीलाएं अत्यंत मनमोहक थीं, मुनि वशिष्ठ ने उनका नामकरण किया, जिसमें ‘राम’ नाम का अर्थ है जो अखिल ब्रह्मांड को आनंद दे। उसी परम्परा के अनुसार आज भी पूरे विश्व में श्री राम नवमी पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का अवतरण दिवस हर्षोल्लास से मनाया जाता है। वहीं श्री कृष्ण मंदिर राजेंद्र वार्ड और रामनगर स्थित श्री राम मंदिर में भी श्री राम का अवतरण दिवस मनाया गया। जिसमें बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु एवं श्रद्धालु भक्त शामिल हुए। सभी ने एक दूसरे को राम नवमी की बधाई दी।







