
ब्यूरो रिपोर्ट
प्रदेश में उर्वरक वितरण को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन द्वारा ई-विकास पोर्टल के माध्यम से ई-टोकन प्रणाली लागू की गई है। शासन के निर्देशानुसार 1 अप्रैल 2026 से बिना ई-टोकन के उर्वरक विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध प्रभावी किया गया है।
इसके बावजूद विकासखंड आमला में 7 खुदरा विक्रेताओं एवं 3 सहकारी समितियों द्वारा 42.805 मीट्रिक टन उर्वरक का विक्रय पीओएस मशीन के माध्यम से किया जाना सामने आया है। यह स्थिति उर्वरक वितरण व्यवस्था में निगरानी की गंभीर कमी और लापरवाही को दर्शाती है।
प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर बैतूल श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने उप संचालक कृषि के प्रतिवेदन के आधार पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आमला श्री गोपाल साहू को निलंबित कर दिया है। शासन निर्देशों की अवहेलना एवं कर्तव्य के प्रति उदासीनता को म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के अंतर्गत कदाचार मानते हुए, म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से की गई है। निलंबन अवधि के दौरान श्री साहू को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। साथ ही उनका मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी, कृषि अनुभाग बैतूल नियत किया गया है।
ई-टोकन से खाद वितरण में लापरवाही पर 2 कैडर प्रबंधक भी निलंबित
इसी क्रम में ई-टोकन प्रणाली के तहत खाद वितरण में अनियमितता पाए जाने पर कलेक्टर श्री सूर्यवंशी के निर्देश पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बैतूल के अंतर्गत अंधरिया एवं डगरिया के दो कैडर प्रबंधकों को भी निलंबित किया गया है। साथ ही जिले की सभी सहकारी संस्थाओं एवं निजी प्रतिष्ठानों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि उर्वरक का वितरण केवल ई-टोकन के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाए। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा तथा उनके मुख्यालय नियमानुसार निर्धारित किए गए हैं।





