
ब्यूरो रिपोर्ट
बैतूल कांग्रेस कमेटी के जिला महासचिव वृजभूषण पांडे ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में सिमित संख्या में आवेदन को लेकर कहा कि भाजपा सरकार अब गरीब बेटियों के विवाह में भी कटौती करने से बाज नहीं आ रही है। अनाथ बच्ची भी योजना से वंचित हो रही है, यह बेहद ही दुर्भाग्य और निंदनीय विषय है।
उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों को ही ठेस पहुंचा रही है, बहन बेटियों के नाम पर वोट लेने का काम कर रही है और जब योजनाओं का लाभ देने का समय आता है तो ऐसी बेटियों के आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं जो अनाथ हैं टारगेट पूरा होने का हवाला देकर अनाथ बेटी का आवेदन लौटाना सरकार की संवेदनहीनता का सबसे बड़ा उदाहरण है। जिले में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह के लिए प्रशासन ने प्रत्येक ब्लॉक में अधिकतम 200-200 जोड़ों की सीमा तय कर दी है। 26 अप्रैल से 5 मई के बीच चार ब्लॉकों में आयोजित होने वाले इन आयोजनों में कुल 800 जोड़ों का विवाह प्रस्तावित है, लेकिन सीमित संख्या के कारण सैकड़ों पात्र जोड़े योजना से बाहर हो रहे हैं। बैतूल और जनपद पंचायत भीमपुर में लक्ष्य पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि घोड़ाडोंगरी और भीमपुर में भी आवेदन बंद कर दिए गए हैं। मुलताई में 160 आवेदन जमा हो चुके हैं और वहां भी जल्द सीमा पूरी होने की स्थिति है।
बृजभूषण पांडे ने कहा कि जब आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई थी, तब स्पष्ट रूप से यह क्यों नहीं बताया गया कि केवल 200 जोड़ों की ही शामिल किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता से दूर है और गरीबों के साथ छलावा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं के नाम पर सिर्फ आंकड़े गिन रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि जरूरतमंदों को दरकिनार किया जा रहा है।
योजना में आवेदन करने के लिए युवक-युवतियों को 3 से 4 हजार रुपए तक खर्च करना पड़ रहा है। दस्तावेज तैयार करने में चार दिन लगे और करीब 2. हजार रुपए खर्च हुए, लेकिन जनपद पंचायत बैतूल में आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। श्री पांडे ने बताया कि आठनेर जनपद अंतर्गत मूसाखेड़ी की प्रियंका ठाकरे, जिनके माता-पिता का निधन हो चुका है, वह भी इस योजना से वंचित रह गई।
आंदोलन की चेतावनी
जनपद पंचायत बैतूल में 26 अप्रैल को होने वाले सामूहिक विवाह के लिए बैतूलबाजार, आमला, आठनेर और बैतूल क्षेत्र से बड़ी संख्या में युवक- युवतियां पहुंच रहे हैं, लेकिन निर्धारित सीमा पूरी होने के कारण उनके आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे। उन्हें अन्य स्थानों पर भेजा जा रहा है, जहां पहले से ही स्थिति समान बनी हुई है। बृजभूषण पांडे ने चेतावनी दी है कि यदि बहन बेटियों के सम्मान में इस सीमा को तत्काल नहीं बढ़ाया गया तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन करेगी।






