
ब्यूरो रिपोर्ट
छिंदवाड़ा के शासकीय आदिवासी बालक आश्रम (हरदुआ माल) में घटिया भोजन और दुर्व्यवहार से तंग आकर 11 छात्रों के दीवार फांदकर भागने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने संबंधित छात्रावास अधीक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने के लिए भोजन की फोटो प्रतिदिन ग्रुप पर अपलोड करने की नई व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू कर दी है।
तड़के सुबह दीवार कूदकर भागे बच्चे
यह घटना चौरई विकासखंड के ग्राम हरदुआ माल स्थित अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास की है। पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन इलाके से लगे इस हॉस्टल से मंगलवार तड़के करीब 4 से 5 बजे 11 बच्चे बाउंड्री वॉल कूदकर भाग निकले। खूंखार जानवरों के खतरे के बीच उफनती नदी पार कर बच्चे लगभग 10 किलोमीटर पैदल चलकर पास के ग्राम ग्रेठिया पहुंचे।
‘पानी जैसी दाल और कच्ची रोटी’: छात्रों का चौंकाने वाला खुलासा
अनजान गांव (ग्रेठिया) में ग्रामीणों ने जब बच्चों को सुबह-सुबह इस हाल में देखा, तो उनसे पूछताछ की। छात्रों ने छात्रावास के बदहाल हालातों को बयां करते हुए बताया कि:
- दाल और सब्जी के नाम पर उन्हें पानी जैसा घटिया और बेस्वाद भोजन परोसा जाता है।
- खाने में अक्सर इल्लियां निकलती हैं और रोटियां कच्ची होती हैं।
- अधीक्षिका का व्यवहार उनके प्रति बेहद अभद्र और दुर्व्यवहारपूर्ण रहता है।
प्रशासन की कार्रवाई और नई व्यवस्था लागू
ग्रामीणों के माध्यम से मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचते ही प्रशासनिक अमले और जांच टीम में हड़कंप मच गया। अफसरों ने तत्काल हॉस्टल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- अधीक्षिका को नोटिस: लापरवाही बरतने और अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रावास अधीक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
- दैनिक फोटो अपलोडिंग अनिवार्य: अब हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अधीक्षिका को प्रतिदिन बनने वाले खाने की लाइव फोटो और अपडेट्स विभागीय ग्रुप पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने होंगे ताकि उच्च स्तर पर इसकी सीधी मॉनिटरिंग की जा सके।






