
Fake Degree Racket मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित ‘श्री सत्य साईं विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी एवं मेडिकल साइंस’ में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। राजस्थान पीटीआई (शारीरिक शिक्षक) भर्ती परीक्षा-2022 में लाखों रुपये लेकर बैकडेट (पुरानी तारीखों) में फर्जी डिग्रियां बेचने के आरोप में यूनिवर्सिटी के कुलपति (वाइस चांसलर) सहित तीन मुख्य पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम:
- मुकेश तिवाड़ी – कुलपति (Vice Chancellor)
- संजय राठौड़ – परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examination)
- आनंद शर्मा – कंप्यूटर ऑपरेटर
कैसे हुआ इस महाघोटाले का भंडाफोड़?
यह पूरा मामला राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा दिसंबर 2022 में आयोजित कराई गई शारीरिक शिक्षक भर्ती (PTI Exam) से जुड़ा हुआ है।
- डमी कैंडिडेट का खेल: सांचौर निवासी ‘भारमल राम’ नामक एक अभ्यर्थी ने लिखित परीक्षा में खुद बैठने के बजाय अपनी जगह एक डमी कैंडिडेट (फर्जी छात्र) को बैठाया था। डमी कैंडिडेट के दम पर उसने परीक्षा पास कर ली और सरकारी नौकरी भी हासिल कर ली।
- दस्तावेज़ सत्यापन में फंसा पेच: जब एसओजी ने शिकायत के आधार पर भारमल राम को गिरफ्तार किया, तो पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ। भारमल राम ने सरकारी नौकरी पक्की करने के लिए सीहोर की श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी से बैकडेट में बीपीएड (B.P.Ed.) की फर्जी डिग्री तैयार करवाई थी।
डिजिटल हेरफेर और फोरेंसिक जांच में खुली पोल
एसओजी (SOG) के अनुसार, जब यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर डेटा, लेजर अकाउंट और डिजिटल साक्ष्यों का फोरेंसिक व फाइनेंशियल ऑडिट कराया गया, तो तारीखों में भारी डिजिटल हेरफेर पाया गया। परिणाम जारी होने के बाद भी यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड में बैकडेट एंट्रियां की जा रही थीं।
66 सरकारी नौकरियां अब खतरे में!
जांच में सामने आया है कि इस भर्ती परीक्षा में सफल हुए कुल 66 अभ्यर्थियों ने इसी यूनिवर्सिटी की संदिग्ध डिग्रियां लगाई थीं, जो कि पूरी तरह जांच के घेरे में हैं। आशंका है कि इस गिरोह ने अन्य कई अभ्यर्थियों को लाखों रुपये के बदले फर्जी डिग्रियां बेचकर सरकारी नौकरियां दिलवाई हैं।
वर्तमान स्थिति:
राजस्थान एसओजी तीनों आरोपियों को जयपुर ले गई है, जहाँ कोर्ट में पेश कर उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के वित्तीय लेन-देन और इस फर्जीवाड़े से लाभ उठाने वाले अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
राजस्थान एसओजी तीनों आरोपियों को जयपुर ले गई है, जहाँ कोर्ट में पेश कर उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के वित्तीय लेन-देन और इस फर्जीवाड़े से लाभ उठाने वाले अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।






