
महारैली की शुरुआत से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से लेकर रामलीला मैदान तक विपक्षी नेताओं ने एक खुली बस में मार्च निकाला। विपक्षी दलों ने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की पुरजोर मांग की है । कांग्रेस और सहयोगी दलों ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष काम नहीं कर रहा है और विपक्ष ने एक दिन पहले ही मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एक ‘सांकेतिक जन-महाभियोग’ का प्रस्ताव भी पारित किया था।
राहुल गांधी की चेतावनी: “संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे”
रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘वोट चोरी’ का सीधा आरोप लगाया । राहुल गांधी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि चुनाव आयोग द्वारा की जा रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष सत्ता में आता है, तो चुनावी धांधली में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मुख्य चुनाव आयुक्त को जेल भेजा जाएगा।
दिग्गज विपक्षी नेताओं का जुटान
इस महा-रैली में विपक्ष ने अपनी पूरी एकजुटता प्रदर्शित की। मंच पर कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा मौजूद थीं, जबकि क्षेत्रीय क्षत्रपों में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, एनसीपी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने हिस्सा लिया। अखिलेश यादव ने रामलीला मैदान को ‘लोकतंत्र की हल्दीघाटी’ करार दिया, वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी दिल्ली न पहुंच पाने के बावजूद चुनाव आयोग के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे का समर्थन किया।
व्यापारियों का नुकसान और ट्रैफिक से थमी दिल्ली
एक तरफ जहां विपक्षी दल भारी भीड़ के दावे के साथ इसे बेहद सफल बता रहे हैं, वहीं दिल्ली के कारोबारी संगठन चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने इस रैली पर गहरी चिंता जताई। सीटीआई के मुताबिक, दिवाली के त्योहार के ठीक बाद हुए इस भारी प्रदर्शन और कई रास्तों के बंद होने से दिल्ली के मुख्य बाजारों का करीब 10,000 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ है । रैली के कारण मध्य दिल्ली और मिंटो रोड के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, जिससे आम जनता को भारी ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ा।
बीजेपी और जेडीयू का तीखा पलटवार: “यह एक फ्लॉप शो था”
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस विपक्ष की महारैली को पूरी तरह से ‘फ्लॉप शो’ करार दिया है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा और केंद्रीय मंत्रियों ने दावा किया कि 10 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का दावा करने वाले विपक्ष के इस कार्यक्रम में रामलीला मैदान की अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी थीं। बीजेपी ने आरोप लगाया कि चुनाव में लगातार मिल रही हार से हताश होकर कांग्रेस देश की संवैधानिक संस्थाओं पर कीचड़ उछालने और देश में अराजकता का माहौल बनाने का काम कर रही है।






