
cyber fraud Traceroute मध्य प्रदेश की सिवनी जिला पुलिस और साइबर सेल ने अंतराज्यीय साइबर ठगों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। सुपारी (बेतल नट) के थोक कारोबार के नाम पर स्थानीय व्यापारी वैभव शिवहरे से की गई 35 लाख रुपये की हाई-टेक साइबर ठगी का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने न सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि ठगी गई पूरी रकम (35 लाख रुपये) भी सुरक्षित वापस करा ली है। पुलिस की इस त्वरित और जांबाज कार्रवाई की पूरे प्रदेश में सराहना हो रही है。

सुपारी व्यापार के नाम पर बिछाया था जाल
cyber fraud Traceroute जानकारी के अनुसार, सिवनी के छपारा इलाके के प्रतिष्ठित व्यापारी वैभव शिवहरे को साइबर ठगों ने अपने जाल में फंसाया था। आरोपियों ने खुद को बड़ा सप्लायर बताकर बेहद कम दामों पर भारी मात्रा में सुपारी दिलाने का झांसा दिया। व्यापारिक डील पर भरोसा करते हुए जैसे ही वैभव शिवहरे ने बताए गए बैंक खातों में 35 लाख रुपये ट्रांसफर किए, आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए और गायब हो गए। धोखाधड़ी का एहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत सिवनी पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।
cyber fraud Traceroute जानकारी के अनुसार, सिवनी के छपारा इलाके के प्रतिष्ठित व्यापारी वैभव शिवहरे को साइबर ठगों ने अपने जाल में फंसाया था। आरोपियों ने खुद को बड़ा सप्लायर बताकर बेहद कम दामों पर भारी मात्रा में सुपारी दिलाने का झांसा दिया। व्यापारिक डील पर भरोसा करते हुए जैसे ही वैभव शिवहरे ने बताए गए बैंक खातों में 35 लाख रुपये ट्रांसफर किए, आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए और गायब हो गए। धोखाधड़ी का एहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत सिवनी पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।
100 से अधिक CCTV और 2000 किलोमीटर का फिल्मी पीछा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिवनी पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देशन में छपारा पुलिस थाना और साइबर सेल की विशेष टीमों का गठन किया गया। साइबर सेल ने जब तकनीकी इनपुट और ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया, तो ठगों के तार मध्य प्रदेश से बाहर अन्य राज्यों से जुड़े मिले।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिवनी पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देशन में छपारा पुलिस थाना और साइबर सेल की विशेष टीमों का गठन किया गया। साइबर सेल ने जब तकनीकी इनपुट और ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया, तो ठगों के तार मध्य प्रदेश से बाहर अन्य राज्यों से जुड़े मिले।
cyber fraud Traceroute आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस टीम ने फिल्मी अंदाज में 2000 किलोमीटर से अधिक का सफर तय करते हुए कई राज्यों में दबिश दी। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम ने हाईवे, टोल नाकों और संदिग्ध ठिकानों के 100 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले, जिसके बाद आरोपियों की सटीक लोकेशन ट्रैक हो सकी और पुलिस उन्हें दबोचने में कामयाब रही।
पूरी रकम रिकवर, व्यापारी ने जताया आभार
आमतौर पर साइबर ठगी के मामलों में रकम वापस मिलना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन सिवनी पुलिस की सूझबूझ और तत्परता के कारण ठगी के शिकार हुए व्यापारी वैभव शिवहरे की शत-प्रतिशत रकम (35 लाख रुपये) वापस मिल गई। रकम वापस मिलने पर पीड़ित व्यापारी ने पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और मुस्तैदी की दिल से सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट का जाल और किन-किन राज्यों में फैला हुआ है।
आमतौर पर साइबर ठगी के मामलों में रकम वापस मिलना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन सिवनी पुलिस की सूझबूझ और तत्परता के कारण ठगी के शिकार हुए व्यापारी वैभव शिवहरे की शत-प्रतिशत रकम (35 लाख रुपये) वापस मिल गई। रकम वापस मिलने पर पीड़ित व्यापारी ने पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और मुस्तैदी की दिल से सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट का जाल और किन-किन राज्यों में फैला हुआ है।






