
जबलपुर, 20 सितंबर 2026
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय (High Court of Madhya Pradesh) ने जैन समाज के सबसे पवित्र त्योहार ‘पर्यूषण पर्व’ को देखते हुए एक ऐतिहासिक और संवेदनशील निर्णय लिया है। माननीय मुख्य न्यायाधीश (Hon’ble Chief Justice) के निर्देशानुसार, उच्च न्यायालय में कार्यरत जैन धर्म के अनुयायी अधिकारी और कर्मचारियों को कार्यालय आने के समय में 2 घंटे की विशेष छूट प्रदान की गई है।
इस संबंध में जबलपुर मुख्यपीठ के रजिस्ट्रार जनरल धर्मेंद्र सिंह (Dharminder Singh) के हस्ताक्षरों से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
आदेश की मुख्य बातें और शर्तें: High Court of Madhya Pradesh
- आदेश क्रमांक और तारीख: पत्र संख्या No. A/3339, दिनांक 14 सितंबर 2026 को जबलपुर से जारी किया गया।
- लागू होने की अवधि: यह विशेष छूट 15.09.2026 से 26.09.2026 तक (पर्यूषण पर्व की पूरी अवधि के दौरान) प्रभावी रहेगी।
- समय में रियायत: जैन कर्मचारी सुबह 10:00 बजे के स्थान पर दोपहर 12:00 बजे (2 घंटे की देरी से) कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे।
- अनिवार्य शर्त: आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि कर्मचारियों के देर से आने के कारण कार्यालय के नियमित और रूटीन कार्यों (Routine work) पर किसी भी प्रकार का विपरीत प्रभाव या बाधा नहीं पड़नी चाहिए।
सभी खंडपीठों को भेजी गई प्रतिलिपि High Court of Madhya Pradesh
हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा जारी इस आदेश (Endt. No. A/3340) की प्रतिलिपि आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, हाईकोर्ट ऑफ एमपी, इंदौर खंडपीठ (Indore Bench) और ग्वालियर खंडपीठ (Gwalior Bench) सहित सभी संबंधित विभागों को अग्रसारित कर दी गई है।
अदालत के इस फैसले से जैन समाज के कर्मचारियों को सुबह के समय जैन मंदिरों में होने वाले विशेष धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, प्रवचन और ध्यान निर्विघ्न संपन्न करने में बड़ी सुविधा मिलेगी।



