जिले में जल जीवन मिशन jal jeevan mission के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को नल के माध्यम से शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के कार्यों में लापरवाही, अत्यधिक विलंब तथा अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले निर्माण एजेंसियों के विरुद्ध लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में कार्यों की निरंतर समीक्षा के उपरांत मैसर्स अंबिका कंस्ट्रक्शन कंपनी, ग्वालियर द्वारा कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने, कार्य बंद रखने तथा निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं करने के कारण 7 ग्रामों पोहर, गदराझिरी, रामघाटी, घोघामल, डोडापोखरनी, जामझिरी एवं सरंडई की नल-जल योजनाओं से संबंधित 2 अनुबंध क्रमांक 32/2023-24 एवं 33/2023-24 को अनुबंध की कंडिका 27.3 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
jal jeevan mission अनुबंध की शर्तों के अनुसार संबंधित ठेकेदार की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी एवं अतिरिक्त सुरक्षा निधि राजसात करने तथा लिक्विडेटेड डैमेज की शास्ति वसूल किए जाने की वैधानिक प्रक्रिया नियमानुसार की जा रही है। साथ ही, ग्रामीणों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शेष कार्यों को अन्य एजेंसी के माध्यम से पूर्ण कराने की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
इसी क्रम में निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं करने, अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने तथा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं लाने के मामले में भैंसदेही विकासखंड सहित जिले की अन्य 21 नल-जल प्रदाय योजनाओं से संबंधित निर्माण एजेंसियों को अनुबंध की कंडिका 27.3 के अंतर्गत अनुबंध निरस्तीकरण हेतु 14 दिवस का अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
निर्धारित अवधि में संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होने अथवा कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं आने की स्थिति में संबंधित अनुबंधों को नियमानुसार निरस्त करते हुए सुरक्षा निधि राजसात करने तथा शेष कार्यों के लिए नए सिरे से निविदा आमंत्रित करने की कार्रवाई की जाएगी।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जल जीवन मिशन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली जनहितकारी योजना है। ग्रामीण परिवारों को समय पर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा कार्य की गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।



