
ब्यूरो रिपोर्ट
सारनी। वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सरदार विष्णु सिंह उइके शासकीय महाविद्यालय सारनी के एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा पांढरा गांव में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय शिविर के पाँचवें दिन स्वयंसेवकों द्वारा नदी पर बोरी बंधान का कार्य कर जल संरक्षण का प्रेरणादायक संदेश दिया गया। इस दौरान ग्रामीणों को पानी से बचाने और वर्षा जल के संचयन के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शासकीय महाविद्यालय सारनी के जन भागीदारी समिति अध्यक्ष कमलेश सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष किशोर बरदे, बासपुर हाई स्कूल प्रधान पाठक मंसुलाल अहाके तथा त्रिभुवन वर्मा शिक्षक उपस्थित रहें। स्वयंसेवकों द्वारा अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रदीप पंद्राम, अंजना राठौर, लक्ष्मी नागले, सविता पटेल, अनीता नागले, कविता महाले, संगीता उघड़े, गोलमन आहाके, मनोज नागले, मोहन पवार, शैलेश श्रीवास्तव, उत्तम साहू, अनुज हलदार तथा अनिल तुमडाम उपस्थित रहेंl कार्यक्रम की शुरुआत स्वयंसेविका किरण द्वारा तैयार “शिविर दर्पण” के उद्घाटन के साथ हुई। मुख्य अतिथि कमलेश सिंह ने शिविर की साज-सज्जा और स्वयंसेवकों द्वारा किए गए बोरी बंधान कार्य की सराहना करते हुए जल संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं किशोर बरदे ने पांढरा गांव में आयोजित एनएसएस शिविर की प्रशंसा करते हुए विद्यार्थियों को जल बचाने के उपाय बताए। मंसुलाल आहाके ने भी जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।
बोरी बंधान निर्माण कार्य में अमन कश्यप, दुर्गेश वरकड़े, कैलाश कोलांकर, शुभम गुप्ता, अभय साहू, गौतम भोरस, तरुण साहू, आयुष सरियाम, उत्तम धुर्वे, पूजा भोरसे, शीतल, काजल, तरुणा, अनुष्का, अंकिता, लता, सुगवती, दीपिका, पूर्णिमा, लक्ष्मी, हर्षा, सोनम, वैष्णवी, सपना एवं तनुश्री सहित सभी स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई और बोरी बंधान का सफल निर्माण किया। इस अवसर पर अंजना राठौर ने एनएसएस की गतिविधियों, की सराहना की। अंत में प्राचार्य प्रदीप पंद्राम ने पांढरा गांव के बच्चों को जल की उपयोगिता एवं संरक्षण के उपायों के बारे में जानकारी दी, जिसके साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।





