
ब्यूरो रिपोर्ट
पाथाखेड़ा 16 अप्रेल। लाल झंडा कोल माइन मजदूर यूनियन (सीटू) ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम सहित पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मजदूरों की जायज मांगों के लिए किये गये आन्दोलन पर लगातार हो रहे हमले, बर्बर दमन एवं पुलिसिया कार्यवाही की कड़े शब्दो में निंदा करते हुए इसके खिलाफ संगठन के राष्ट्रीय आह्वान पर प्रदर्शन कर श्रमिकों के समर्थन में एकजुटता व्यक्त करते हुए नारेबाजी करते हुए श्रमिकों पर सभी प्रकार के दमन व हमलों पर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर रोक लगाने की मांग उठाई । इस मौके पर उपस्थित लाल झंडा कोल माइन मजदूर यूनियन सीटू के क्षेत्रीय अध्यक्ष जे विवेगानंदन ने कहा कि वर्तमान सरकार पूंजीपतियों के लाभ के लिए श्रमिकों पर लगातार दमन रही है, श्रमिक अपने जीवन यापन के लिए संगठित होकर काफी समय से 26 हजार न्यूनतम वेतन की मांग कर रहे हैं। सरकारी व निजी क्षेत्र में काम कर रहे ठेका श्रमिको का भारी शोषण हो रहा है । 8-10 हजार वेतन पर 12-14 घंटे तक काम कराया रहा है, वही क्षेत्रीय महासचिव गणेश गुजरे ने सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा से वंचित करते हुए श्रमिकों को साप्ताहिक अवकाश, पी.एफ., बोनस, नौकरी की सुरक्षा यहां तक कि उन्हे काम के दौरान बुनियादी सुरक्षा तक उपलब्ध कराने की बात कही ।
हाल ही मे लागू की गई चारों श्रम संहिताओं को मालिकों के हक में एवं श्रमिक वर्ग के शोषण के लिए एक हथियार की तरह केंद्र सरकार इन चारों श्रम संहिताओं को लागू करने की कोशिश में है । वेकोली केंद्रीय अध्यक्ष जगदीश डिगरसे ने आगे बताया कि इससे न केवल मजदूरों के वेतन भत्तों में कटौती होगी, काम के घन्टे बढ़ेंगे, वरन् श्रमिक अधिकार और भी अधिक कमजोर होगें तथा ठेका प्रथा स्थाई हो जायेगी। उन्होने इसके खिलाफ श्रमिकों से संघर्ष को और तेज करने का आह्वान किया। इस आंदोलन में ओमकार नगवंशी. पवन जगदेव, दीपक राय, कन्हैया टेकाम इंद्रपाल भारती एवं अन्य श्रमिक उपस्थित रहे ।




