
ब्यूरो रिपोर्ट
जबलपुर: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (जबलपुर हाईकोर्ट) से प्रदेश की करीब 1.80 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है।
कोर्ट ने राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए आंगनवाड़ी कर्मचारियों के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस आदेश के बाद अब कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लंबे समय से थमे हुए बकाए (एरियर) और सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।
इस बड़े फैसले के मुख्य बिंदु और कर्मचारियों को होने वाले फायदे नीचे दिए गए हैं:
1. 4 साल का बकाया एरियर मिलेगा वापस
- 48 महीने का भुगतान: कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि साल 2019 से लेकर 2023 तक (कुल 48 महीने) का रोका गया अतिरिक्त मानदेय अंशदान कर्मचारियों को जल्द से जल्द दिया जाए।
- किसे कितना मिलेगा फायदा: इस फैसले से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को करीब ₹1.20 लाख और सहायिकाओं को लगभग ₹63 हजार तक का एकमुश्त एरियर मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
2. ग्रेच्युटी का अधिकार बरकरार
- रिटायरमेंट पर बड़ी राहत: हाईकोर्ट ने साफ किया है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं सामाजिक सुरक्षा के तहत ₹1 लाख तक की ग्रेच्युटी पाने की हकदार हैं। सरकार को उनकी सेवानिवृत्ति पर इसका अनिवार्य रूप से भुगतान करना होगा।
3. क्या था पूरा मामला?
- 2019 का विवाद: साल 2019 में केंद्र सरकार ने आंगनवाड़ी कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाया था। लेकिन राज्य सरकार ने अपने हिस्से का अंशदान घटा दिया था, जिससे कर्मचारियों को बढ़ा हुआ पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसके खिलाफ आंगनवाड़ी संघ ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
- सरकार की अपील खारिज: इससे पहले फरवरी 2026 में सिंगल बेंच ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला दिया था। सरकार ने इसके खिलाफ डिवीजन बेंच में अपील की थी, जिसे कोर्ट ने मामूली संशोधनों (ब्याज हटाने) के साथ खारिज कर दिया और मूल भुगतान का आदेश जारी रखा।
महत्व: इस फैसले से पिछले कई सालों से आर्थिक नुकसान झेल रही आंगनवाड़ी महिलाओं को बड़ी वित्तीय मजबूती मिलेगी और उनके मान सम्मान की रक्षा होगी।






