
ब्यूरो रिपोर्ट
मध्य प्रदेश के गुना से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ विधायक पन्नालाल शाक्य अपने बेहद आपत्तिजनक और विवादित बयानों के चलते एक बार फिर बड़े सियासी बवंडर में घिर गए हैं। गुना के नानाखेड़ी मंडी प्रांगण में आयोजित राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव के दौरान, जहाँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे, भाजपा विधायक ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की अर्धांगिनी माता सीता और महाभारत की द्रौपदी (पांचाली) को लेकर एक अत्यंत घृणास्पद और महिला विरोधी टिप्पणी कर डाली है। उनके इस बयान के बाद देश भर की राजनीति में उबाल आ गया है।
“माता सीता मौत का सामान हैं” – विधायक शाक्य का आपत्तिजनक दावा
सार्वजनिक मंच से जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक पन्नालाल शाक्य ने हिंदू महाकाव्यों का हवाला देते हुए महिलाओं को पुरुषों की मौत का कारण बताया। शाक्य ने कहा कि रामायण के युद्ध में कोई भी महिला नहीं मरी, बल्कि सिर्फ पुरुष ही मारे गए। उन्होंने आगे कहा, “रावण को भी यह सलाह दी गई थी कि वह सीता माता को सम्मान सहित वापस लौटा दे, क्योंकि वह ‘मौत का सामान’ हैं”। उनके इस घृणित शब्द के इस्तेमाल के बाद पंडाल में सन्नाटा पसर गया।
“पांचाली के पीछे मरे 1 करोड़ आदमी”
रामायण के बाद भाजपा विधायक ने महाभारत काल का ज़िक्र करते हुए द्रौपदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि महाभारत के भीषण युद्ध में पांचाली (द्रौपदी) के पीछे 1 करोड़ से अधिक आदमी मारे गए, लेकिन “क्या एक भी महिला उस युद्ध में मरी? नहीं, कोई महिला नहीं मरी।” इसके बाद उन्होंने इतिहास से पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल एक महिला संयोगिता के कारण कन्नौज से दिल्ली तक पृथ्वीराज के 55 सामंत और वीर योद्धा मारे गए। शाक्य ने अंततः निष्कर्ष देते हुए कहा कि इतिहास से लेकर आज तक होने वाले युद्धों और मौतों की असल वजह महिलाएं ही रही हैं।
अपनी ही पार्टी की महिला विधायक प्रियंका पेंची ने मंच से ही दिया करारा जवाब
पन्नालाल शाक्य जब मंच से महिलाओं के इस तरह के अपमानजनक उदाहरण दे रहे थे, तो कार्यक्रम में उपस्थित चांचौड़ा क्षेत्र से भाजपा की महिला विधायक प्रियंका मीना पेंची का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने तुरंत खड़े होकर बीच भाषण में ही शाक्य को कड़े लहजे में टोका। प्रियंका पेंची ने मंच से ही आपत्ति जताते हुए कहा, “नहीं भाई साहब, यह बात बिल्कुल गलत है। महिलाओं ने भी देश और धर्म के लिए बड़े-बड़े बलिदान दिए हैं। मैं भी एक महिला हूँ और यह अपमान स्वीकार्य नहीं है।”
महिला विधायक के कड़े विरोध के बावजूद पन्नालाल शाक्य ने अपनी गलती मानने के बजाय अहंकार भरे लहजे में कहा, “मैंने बहुत सारी किताबें पढ़ी हैं, तुम चुप बैठो, अभी मैं बोल रहा हूँ।” दोनों भाजपा विधायकों के बीच मंच पर हुई इस खुली तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो गया है।
विपक्ष हमलावर, कार्रवाई की मांग तेज़
पन्नालाल शाक्य का यह विवादित वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लिया है। महिला कांग्रेस ने इसे सनातन आस्था, माता सीता और समस्त नारी शक्ति का घोर अपमान बताते हुए विधायक पन्नालाल शाक्य के इस्तीफे और उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस बयान ने भाजपा की “नारी शक्ति वंदन” और “लाडली बहना” जैसी बड़ी राष्ट्रीय नीतियों को बैकफुट पर धकेल दिया है। हालांकि, भारी विरोध को देखते हुए शाक्य ने देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई में कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है, लेकिन जनता में आक्रोश बरकरार है।