
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) छतरपुर द्वारा जिले के सभी शासकीय सेवकों के हित में एक बड़ा और राहत भरा आदेश जारी किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्य प्रदेश की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) में मिले निर्देशों के बाद डीईओ पी.के. रैकवार ने स्पष्ट किया है कि केवल ई-अटेंडेंस (e-Attendance) न लग पाने के कारण किसी भी शासकीय सेवक का वेतन नहीं रोका जाएगा।
रोका गया वेतन आज ही जारी करने के आदेश
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, आहरण संवितरण अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे ई-अटेंडेंस न होने की वजह से किसी भी कर्मचारी की सैलरी न रोकें। इसके साथ ही आदेश में सख्त हिदायत दी गई है कि यदि इस कारण से पूर्व में किसी शासकीय सेवक का वेतन रोका गया है, तो उसका भुगतान तत्काल (आज ही) सुनिश्चित किया जाए।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, आहरण संवितरण अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे ई-अटेंडेंस न होने की वजह से किसी भी कर्मचारी की सैलरी न रोकें। इसके साथ ही आदेश में सख्त हिदायत दी गई है कि यदि इस कारण से पूर्व में किसी शासकीय सेवक का वेतन रोका गया है, तो उसका भुगतान तत्काल (आज ही) सुनिश्चित किया जाए।
वेतन रोकने के लिए देना होगा स्पष्ट कारण
आदेश के मुताबिक, यदि ई-अटेंडेंस के अलावा किन्हीं अन्य प्रशासनिक या अनुशासनात्मक कारणों से किसी कर्मचारी का वेतन रोकने की स्थिति बनती है, तो संबंधित अधिकारियों को इसके स्पष्ट कारणों के साथ एक विस्तृत (स्पीकिंग) आदेश जारी करना होगा। इसके साथ ही पूरी कार्रवाई की लिखित जानकारी साक्ष्य और अभिलेखों के साथ अविलंब जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजनी होगी।
आदेश के मुताबिक, यदि ई-अटेंडेंस के अलावा किन्हीं अन्य प्रशासनिक या अनुशासनात्मक कारणों से किसी कर्मचारी का वेतन रोकने की स्थिति बनती है, तो संबंधित अधिकारियों को इसके स्पष्ट कारणों के साथ एक विस्तृत (स्पीकिंग) आदेश जारी करना होगा। इसके साथ ही पूरी कार्रवाई की लिखित जानकारी साक्ष्य और अभिलेखों के साथ अविलंब जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजनी होगी।





