
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी (बनारस) में स्थित प्रतिष्ठित हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। संस्थान में कार्यरत देश के जाने-माने यूरोलॉजिस्ट (मूत्र रोग विशेषज्ञ) डॉ. शुभंकर गौतम का शव अस्पताल परिसर में बने हॉस्टल के कमरा नंबर 802 में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मूल रूप से बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले डॉ. शुभंकर की उम्र लगभग 40 वर्ष थी।
एम्स से हासिल की थी उच्च चिकित्सा डिग्रियां
डॉ. शुभंकर गौतम चिकित्सा के क्षेत्र में एक बेहद होनहार और मेधावी डॉक्टर थे। उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान एम्स (AIIMS) से जनरल सर्जरी में एमएस (MS) और इसके बाद यूरोलॉजी में सुपर-स्पेशियलिटी डिग्री एमसीएच (MCh) हासिल की थी। वे पिछले कुछ समय से बनारस के हेरिटेज अस्पताल में बतौर विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे थे।
डॉ. शुभंकर गौतम चिकित्सा के क्षेत्र में एक बेहद होनहार और मेधावी डॉक्टर थे। उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान एम्स (AIIMS) से जनरल सर्जरी में एमएस (MS) और इसके बाद यूरोलॉजी में सुपर-स्पेशियलिटी डिग्री एमसीएच (MCh) हासिल की थी। वे पिछले कुछ समय से बनारस के हेरिटेज अस्पताल में बतौर विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे थे।
ओपीडी में मरीजों को देखने के बाद कमरे पर लौटे
मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह डॉ. शुभंकर ने अस्पताल की ओपीडी (OPD) में सामान्य दिनों की तरह कई मरीजों की जांच की थी। ड्यूटी खत्म करने के बाद वे परिसर में स्थित डॉक्टरों के हॉस्टल में बने अपने कमरे में चले गए।
मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह डॉ. शुभंकर ने अस्पताल की ओपीडी (OPD) में सामान्य दिनों की तरह कई मरीजों की जांच की थी। ड्यूटी खत्म करने के बाद वे परिसर में स्थित डॉक्टरों के हॉस्टल में बने अपने कमरे में चले गए।
दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे साथी डॉक्टर्स
रात करीब 10 बजे जब डॉ. शुभंकर रात के खाने के लिए हॉस्टल मेस में नहीं पहुंचे, तो उनके साथी डॉक्टरों को थोड़ी चिंता हुई। साथियों ने उनके मोबाइल पर लगातार कई फोन किए, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला, तो वे सुरक्षा गार्ड को साथ लेकर उनके कमरा नंबर 802 पर पहुंचे। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो अंततः दरवाजा तोड़ा गया।
रात करीब 10 बजे जब डॉ. शुभंकर रात के खाने के लिए हॉस्टल मेस में नहीं पहुंचे, तो उनके साथी डॉक्टरों को थोड़ी चिंता हुई। साथियों ने उनके मोबाइल पर लगातार कई फोन किए, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला, तो वे सुरक्षा गार्ड को साथ लेकर उनके कमरा नंबर 802 पर पहुंचे। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो अंततः दरवाजा तोड़ा गया।
बिस्तर पर इस हालत में मिला शव
कमरे के भीतर दाखिल होते ही सहकर्मियों के होश उड़ गए। डॉ. शुभंकर बिस्तर पर बेसुध पड़े हुए थे। चश्मदीदों के मुताबिक, कमरे में वे इस अवस्था में मिले मानो वे अपनी पीठ झुकाए और सिर नीचे किए गहरी सोच में बैठे हों। पहली नजर में देखने पर लग ही नहीं रहा था कि उनके प्राण पखेरू उड़ चुके हैं, लेकिन जब चिकित्सकों ने जांच की तो वे मृत पाए गए।
कमरे के भीतर दाखिल होते ही सहकर्मियों के होश उड़ गए। डॉ. शुभंकर बिस्तर पर बेसुध पड़े हुए थे। चश्मदीदों के मुताबिक, कमरे में वे इस अवस्था में मिले मानो वे अपनी पीठ झुकाए और सिर नीचे किए गहरी सोच में बैठे हों। पहली नजर में देखने पर लग ही नहीं रहा था कि उनके प्राण पखेरू उड़ चुके हैं, लेकिन जब चिकित्सकों ने जांच की तो वे मृत पाए गए।
मौत के कारणों पर सस्पेंस, जांच जारी
डॉ. शुभंकर की शादी लगभग 5 वर्ष पूर्व हुई थी। वे वाराणसी में अकेले रहते थे, जबकि उनकी पत्नी पटना के कंकड़बाग कॉलोनी में रहती हैं। अचानक हुई इस रहस्यमयी मौत को लेकर इलाके और मेडिकल कम्युनिटी में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गहन फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा।
डॉ. शुभंकर की शादी लगभग 5 वर्ष पूर्व हुई थी। वे वाराणसी में अकेले रहते थे, जबकि उनकी पत्नी पटना के कंकड़बाग कॉलोनी में रहती हैं। अचानक हुई इस रहस्यमयी मौत को लेकर इलाके और मेडिकल कम्युनिटी में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गहन फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा।






