
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत nagar palika sarni प्रत्येक शुक्रवार वार्डों में पहुंच रही नपा की टीम, पार्षद, सीएमओ, उपयंत्री के अलावा अन्य अधिकारियों ने किया वार्डो का पैदल भ्रमण, लोगों से जानी समस्याएं।
सारनी। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के अंतर्गत मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन की मंशानुसार आम नागरिकों की सभी समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु प्रत्येक शुक्रवार वार्ड स्तर पर भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत शुक्रवार 11 सितंबर को नगर पालिका परिषद सारनी की टीम वार्ड 7 व 8 में भ्रमण के लिए पैदल निकली। वार्डों में सफाई और नलों से कम प्रेशर में पानी आने जैसी समस्याएं आई।
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार वार्ड स्तर पर पहुंचकर समस्याओं का निराकरण किया जाना है। nagar palika sarni द्वारा इसी अभियान के तहत शुक्रवार को पूरी टीम के साथ वार्ड 7 व 8 में पैदल पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं। टीम मुख्य नगर पालिका अधिकारी नितिन बिजवे, राजस्व उप निरीक्षक, हितेश शाक्य, सहायक लेखाधिकारी ब्रजेश नागर, उपयंत्री रविंद्र वराठे, कमलेश पटेल के अलावा अन्य लोग शामिल थे। वार्ड 7 मंगल भवन से प्रारंभ भ्रमण कार्यक्रम वार्ड 8 आंगनबाड़ी केंद्र तक रहा।
इस दौरान लोगों ने वार्ड में घास कटाई नहीं होने, पानी के नलों में कम प्रेशर आने की समस्या बताई। मुख्य नगर पालिका अधिकारी नितिन बिजवे ने तत्काल समस्या निराकरण के निर्देश दिए। nagar palika sarni आगामी शुक्रवार 18 सितंबर को वार्ड 9 एवं 11 में नगर पालिका की टीम भ्रमण कार्यक्रम करेगी। इस दौरान नगर पालिका की ओर से शिवम डेहरिया, आरएस सतवंशी, राजेश वागद्रे, प्रियंका उइके, कीर्ति सारवान, कलाचंद सिंदूर, सुनील सहारे, रंजीत डोंगरे, अमित नकवाल, प्रमोद हुरमाडे, रोशन बामने, योगेश पाटिल के अलावा अन्य नगर पालिका कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी नितिन बिजवे ने तत्काल समस्या निराकरण के निर्देश
- जमीनी निरीक्षण: अधिकारियों ने गाड़ियों को छोड़कर खुद पैदल चलकर हर गली का मुआयना किया ताकि समस्याओं को करीब से देखा जा सके।
- निवासियों से संवाद: टीम ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। रहवासियों ने बताया कि सफाई कर्मी नियमित तौर पर नहीं आते, जिससे कचरे की समस्या बढ़ गई है।
- सख्त निर्देश: लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए नपा अधिकारियों ने संबंधित वार्ड के सफाई दरोगा (सुपरवाइजर) और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई।
- तत्काल सफाई का आदेश: टीम ने तत्काल विशेष अभियान चलाकर नालियों को साफ करने और कचरा उठाने के निर्देश जारी किए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा मिली, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
क्या है स्वच्छ भारत अभियान
मिशन का उद्देश्य 1.04 करोड़ परिवारों को लक्षित करते हुए 2.5 लाख समुदायिक शौचालय, 2.6 लाख सार्वजनिक शौचालय, और प्रत्येक शहर में एक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की सुविधा प्रदान करना है। इस कार्यक्रम के तहत आवासीय क्षेत्रों में जहाँ व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों का निर्माण करना मुश्किल है वहाँ सामुदायिक शौचालयों का निर्माण करना।
पर्यटन स्थलों, बाजारों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशनों जैसे प्रमुख स्थानों पर भी सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किया जाएगा। यह कार्यक्रम पाँच साल अवधि में 4401 शहरों में लागू किया जाएगा। कार्यक्रम पर खर्च किये जाने वाले 62,009 करोड़ रुपये में केंद्र सरकार की तरफ से 14623 रुपये उपलब्ध कराए जाएगें।
केंद्र सरकार द्वारा प्राप्त होने वाले 14623 करोड़ रुपयों में से 7366 करोड़ रुपये ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर,4,165 करोड़ रुपये व्यक्तिगत घरेलू शौचालय पर,1828 करोड़ रुपये जनजागरूकता पर और समुदाय शौचालय बनवाये जाने पर 655 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। इस कार्यक्रम खुले में शौच, अस्वच्छ शौचालयों को फ्लश शौचालय में परिवर्तित करने, मैला ढ़ोने की प्रथा का उन्मूलन करने, नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वस्थ एवं स्वच्छता से जुड़ीं प्रथाओं के संबंध में लोगों के व्यवहार में परिवर्तन लाना आदि शामिल हैं।





