
Sarni Kidnapping Case थाना सारणी क्षेत्र में नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर ले जाने की प्राप्त शिकायतों पर थाना सारणी पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों प्रकरणों में अपहृता एवं अपहर्ता की तलाश प्रारंभ की गई।
🔹 प्रकरण क्रमांक 234/2026:
दिनांक 26.08.2026 को फरियादिया द्वारा अपनी नाबालिग नातिन को अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट थाना सारणी में दर्ज कराई गई। रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 234/2026, धारा 137(2) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
🔹प्रकरण की विवेचना के दौरान तकनीकी माध्यम से प्राप्त लोकेशन के आधार पर थाना सारणी पुलिस की टीम को चन्द्रपुर भेजा गया, जहां पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहर्ता को दस्तयाब किया गया।
🔹 प्रकरण क्रमांक 265/2026:
दिनांक 25.08.2026 को फरियादिया द्वारा अपनी नाबालिग लड़की को अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट थाना सारणी में दर्ज कराई गई। रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 265/2026, धारा 137(2) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
🔹थाना सारणी पुलिस टीम द्वारा तत्परता से कार्रवाई करते हुए कायमी के मात्र 4 घंटे के भीतर अपहृता को दस्तयाब कर लिया गया।
🔹वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में प्रभावी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन द्वारा नाबालिग बालिकाओं से संबंधित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पतारसी कर अपहृता को सकुशल दस्तयाब करने तथा आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
🔹निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपुशे एवं एसडीओपी सारणी सुश्री प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सारणी निरीक्षक जयपाल इनवाती के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की गई।
🔹 सराहनीय भूमिका
प्रकरण क्रमांक 234/2026 में:
– निरीक्षक जयपाल इनवाती, थाना प्रभारी सारणी
– उनि प्रीति पालेवार
– प्र.आर. 06 श्रीराम उईके
– आर. 617 अजय ग्याशवंशी
– म.आर. 97 वर्षा नागले
🔹 प्रकरण क्रमांक 265/2026 में:
– निरीक्षक जयपाल इनवाती, थाना प्रभारी सारणी
– उनि सुनील गौर
– उनि प्रीति पालेवार
– आर. 448 मोहित भाटी
– आर. 433 मनोज पाल
🔹 पुलिस अधीक्षक बैतूल की ओर से निर्देश
पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने जिले के समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि नाबालिग बालक-बालिकाओं के गुमशुदगी अथवा अपहरण संबंधी प्रकरणों में तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर उनकी पतारसी हेतु सभी उपलब्ध तकनीकी एवं मैदानी संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। ऐसे प्रकरणों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा अपहृता/गुम बालक-बालिकाओं को शीघ्र एवं सकुशल दस्तयाब करने हेतु आवश्यक कार्रवाई प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाए।





