
ब्यूरो रिपोर्ट
- भारतीय मजदूर ठेका श्रमिक संघ ने मुख्य अभियंता को सोपा ज्ञापन
- स्थानीय श्रमिकों को मिले रोजगार में प्राथमिकता
- 342 करोड़ के डिस्मेंटल प्रोजेक्ट में बाहरी श्रमिकों की एंट्री पर बवाल
- पहले स्थानीय को काम” की मांग तेज, प्रशासन से सख्त हस्तक्षेप की अपील
- सारनी में श्रमिकों का शक्ति प्रदर्शन, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
सारनी। सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट में चल रहे 660 मेगावाट नई इकाई निर्माण और पुरानी इकाइयों 6, 7, 8 एवं 9 के डिस्मेंटलिंग कार्य को लेकर सोमवार को भारतीय मजदूर ठेका श्रमिक संघ (बीएमएस) ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्य अभियंता (उत्पादन), नायब तहसीलदार एवं थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। श्रमिकों ने एकजुट होकर स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग उठाई।
342 करोड़ का प्रोजेक्ट, फिर भी स्थानीय श्रमिकों की अनदेखी
संघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में बताया कि डिस्मेंटलिंग का कार्य Chinar Steel Segment Center Private Limited को लगभग 342 करोड़ रुपए में सौंपा गया है। बावजूद इसके, कंपनी द्वारा बड़े पैमाने पर बाहरी श्रमिकों को लाकर काम कराया जा रहा है, जबकि सारनी नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में कुशल, अर्धकुशल और अकुशल श्रमिकों की कोई कमी नहीं है। इस अनदेखी से स्थानीय युवाओं और मजदूरों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

स्थानीय इतिहास का हवाला: पहले भी निभाई अहम भूमिका
श्रमिक संघ ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि पूर्व में इकाई क्रमांक 1 से 5 तक के डिस्मेंटलिंग कार्य तथा 250×250 मेगावाट की नई इकाइयों के निर्माण में स्थानीय श्रमिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके अनुभव और परिश्रम से ही प्लांट का संचालन सफलतापूर्वक हो रहा है। ऐसे में वर्तमान प्रोजेक्ट में स्थानीयों को दरकिनार करना पूरी तरह अनुचित बताया गया।
बिना पुलिस वेरिफिकेशन बाहरी मजदूरों की एंट्री पर उठे सवाल
ज्ञापन में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया कि बाहरी राज्यों से आए श्रमिकों को बिना उचित पुलिस सत्यापन और रिकॉर्ड के प्लांट में प्रवेश दिया जा रहा है। इसे सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी बताते हुए संघ ने मांग की कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन किसी भी बाहरी मजदूर को प्लांट में प्रवेश न दिया जाए।
प्रशासन को अल्टीमेटम: “स्थानीयों को प्राथमिकता नहीं तो होगा आंदोलन
संघ के संरक्षक सुनील भारद्वाज, महामंत्री विनोद भारती सहित अन्य पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता नहीं दी गई, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष हस्तक्षेप कर स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में संतुलन और न्याय कायम रह सके।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्लांट में विधायक प्रतिनिधि संजय अग्रवाल, दीपक सोनकर,सुधीर पाल प्रकाश घाटे, भानु प्रताप तोमर, सतीश बामने, पप्पू ठाकुर शाहिद बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे



