
ब्यूरो रिपोर्ट
भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत कॉलेजों में खाली रह गईं सीटों पर एडमिशन की प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। संचालनालय ने छात्रों को प्रवेश का एक और अतिरिक्त अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से अतिरिक्त कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) चरण की अवधि को आगे बढ़ा दिया है।
पूर्व में यह काउंसलिंग प्रक्रिया 10 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक आयोजित की जानी थी, जिसे अब विस्तृत करते हुए 21 अगस्त 2026 से 31 अगस्त 2026 तक संचालित करने का निर्णय लिया गया है।
‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर मिलेगा एडमिशन
कार्यालय आयुक्त, उच्च शिक्षा संचालनालय (सतपुड़ा भवन, भोपाल) द्वारा जारी आदेश (क्रमांक: E/475557/1/1123006/2026) के अनुसार, यह प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से ‘पहले आओ पहले पाओ’ (First Come, First Served) के नियम पर आधारित होगी।
- किन कक्षाओं के लिए: स्नातक (Undergraduate) और स्नातकोत्तर (Postgraduate) दोनों स्तर की कक्षाओं की रिक्त सीटों के लिए।
- सभी कॉलेजों को निर्देश: प्रदेश के समस्त शासकीय, अनुदान प्राप्त अशासकीय एवं पूर्णतः अशासकीय महाविद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे उपलब्ध रिक्त सीटों पर इस नियम के तहत प्रवेश की कार्रवाई सुनिश्चित करें और विद्यार्थियों का पूरा सहयोग करें।
31 अगस्त के बाद नहीं मिलेगा कोई मौका
विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (उच्च शिक्षा म.प्र.) डॉ. तुलसीराम दहायत के हस्ताक्षरित इस आदेश में साफ तौर पर चेता
वनी दी गई है कि 31 अगस्त 2026 को निर्धारित समय बीत जाने के पश्चात किसी भी स्थिति में प्रवेश मान्य नहीं होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय-सीमा में वृद्धि के अलावा पूर्व में जारी आदेश की अन्य समस्त शर्तें और निर्देश पूरी तरह से यथावत रहेंगे।
छात्रों के लिए क्यों है यह जरूरी?
जो छात्र मुख्य काउंसलिंग चरणों या पूर्व में आयोजित सीएलसी राउंड में किसी वजह से रजिस्ट्रेशन कराने या पसंदीदा कॉलेज में सीट सुरक्षित करने से चूक गए थे, उनके लिए यह साल बर्बाद होने से बचाने का अंतिम और सुनहरा मौका है। छात्र सीधे अपने नजदीकी या पसंदीदा कॉलेज में जाकर रिक्त सीटों की स्थिति का पता लगा सकते हैं और तय समय-सीमा के भीतर अपना दाखिला सुनिश्चित कर सकते हैं।