
goli kand raisen रायसेन / भोपाल। मध्य प्रदेश की हाई-सिक्योरिटी व्यवस्था का दावा करने वाली रायसेन जिला जेल में हुए खौफनाक गोलीकांड के बाद जेल मुख्यालय ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जेल महानिदेशक (DG) वरुण कपूर के निर्देश पर कार्यवाहक जेल अधीक्षक आर. के. चौरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में जेल प्रबंधन के स्तर पर बेहद शिथिल नियंत्रण और कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही पाई गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जेल मुख्यालय, भोपाल नियत किया गया है।
फलों की टोकरी में छिपाकर लाया था कट्टा, भागने की थी फिराक goli kand raisen
यह पूरी घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे की है। जेल में रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान, हत्या और जानलेवा हमले (धारा 302/307) के मामले में करीब एक साल से बंद विचाराधीन कैदी नीलेश ठाकुर (निर्वेदी) ने जेल से भागने का खौफनाक प्लान बनाया था।
वह मुख्य गेट पर फल लेने के बहाने आया, जहां उसने फलों की टोकरी में देसी कट्टा छिपा रखा था। कैदी नीलेश ने मुख्य द्वार पर तैनात जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर कट्टा तानकर गेट की चाबी छीनने और भागने की कोशिश की। जब बहादुर प्रहरी ने चाबी देने से इनकार करते हुए उसे रोकने का प्रयास किया, तो आरोपी कैदी ने उन पर सीधे फायर झोंक दिया।
जेल प्रहरी की हालत गंभीर, एम्स भोपाल रेफर
गोली सीधे जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह की पीठ के ऊपरी हिस्से में लगी, जो फेफड़े के निचले हिस्से में जा धंसी। गोली लगते ही प्रहरी लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। goli kand raisen गोली की आवाज सुनते ही जेल परिसर में हड़कंप मच गया और अन्य प्रहरियों ने तुरंत दौड़कर हमलावर कैदी को दबोच लिया। घायल प्रहरी को अत्यंत गंभीर हालत में तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एम्स भोपाल (AIIMS Bhopal) रेफर किया गया, जहां वे जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
जेल के अंदर कट्टा, कारतूस और मोबाइल… सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
इस दुस्साहसिक वारदात ने मध्य प्रदेश जेल विभाग की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि सीसीटीवी कैमरों और कड़े पहरे के बावजूद जेल की बैरक के अंदर देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन कैसे पहुंचे?
- बाहर से फेंकने की आशंका: स्थानीय पुलिस और जेल प्रशासन को आशंका है कि किसी बाहरी मददगार ने जेल की दीवार के बाहर से पैकेट के जरिए ये हथियार अंदर पहुंचाए थे।
- आईजी स्तर की जांच शुरू: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे प्रकरण की जांच आईजी (जेल) संजय पांडे को सौंपी गई है, जो मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई goli kand raisen
रायसेन एसपी आशुतोष गुप्ता के मुताबिक, आरोपी कैदी नीलेश ठाकुर के खिलाफ जेल प्रहरी की हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) समेत अन्य संगीन धाराओं में नया मामला दर्ज कर लिया गया है। चूंकि आरोपी पहले से न्यायिक हिरासत में है, इसलिए कोर्ट से अनुमति लेकर उसे दोबारा रिमांड पर लिया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे षड्यंत्र में जेल के अंदर या बाहर से कौन-कौन शामिल था।
मध्य प्रदेश के रायसेन जिला जेल में हत्या के आरोपी बंदी द्वारा जेल प्रहरी को गोली मारकर भागने की कोशिश के मामले में जेल मुख्यालय ने कार्यवाहक जेल अधीक्षक आर.के. चौरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मुख्य बिंदु:
- घटना: 2 सितंबर 2026 की सुबह, विचाराधीन कैदी नीलेश ठाकुर (निवासी डिमाड़ा) ने जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर देसी कट्टे से गोली चला दी।
- घायल प्रहरी: गोली लगने से गंभीर रूप से घायल प्रहरी को पहले रायसेन जिला अस्पताल और फिर एम्स भोपाल रेफर किया गया।
- सुरक्षा में चूक: कैदी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम या फल/मिठाई की टोकरी के बहाने मुख्य द्वार के पास आकर इस वारदात को अंजाम दिया। हथियार अंदर कैसे पहुँचा, इस पर गंभीर सवाल उठे हैं।
- कार्रवाई और जाँच: जेल महानिदेशक वरुण कपूर ने अधीक्षक आर.के. चौरे को सस्पेंड कर दिया है और पूरे मामले की जाँच आईजी स्तर के अधिकारी (संजय पांडे) को सौंपी गई है।




